वॉशिंगटन , मई 29 -- अमेरिका-ईरान के बीच जारी भारी तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता होने जा रहा है।

श्री ट्रम्प के आधिकारिक 'ट्रूथ सोशल' हैंडल से दी गयी जानकारी के अनुसार, ईरान में पहाड़ों के नीचे गहराई में दबी संवर्धित परमाणु सामग्री, जिसे कभी-कभी 'न्यूक्लियर डस्ट' भी कहा जाता है, को अमेरिका बाहर निकाल कर उसे पूरी तरह नष्ट कर देगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि इस बेहद संवेदनशील और बड़े काम को ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ करीबी समन्वय व सहयोग से अंजाम दिया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस समझौते की सबसे पहली और अनिवार्य शर्त के रूप में ईरान के सामने परमाणु हथियार न बनाने की बात रखी है। उन्होंने कहा, "ईरान को इस बात पर पूरी तरह सहमत होना होगा कि वह भविष्य में कभी परमाणु हथियार या बम नहीं बनायेगा।"इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक व्यापार के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को दोनों दिशाओं से निर्बाध जहाज यातायात के लिए तुरंत और बिना किसी टोल के खोलने का निर्देश दिया है।

ट्रम्प ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि अमेरिकी नौसेना की अभूतपूर्व नाकेबंदी के कारण इस जल क्षेत्र में फंसे हुए व्यापारिक जहाज अब अपने घरों की ओर लौट सकते हैं। उन्होंने पानी में बिछी बारूदी सुरंगों को भी तुरंत हटाने की बात कही, जिसमें अमेरिकी अंडरवाटर माइन स्वीपर्स और ईरानी तंत्र मिलकर काम करेंगे।

लगभग 11 महीने पहले ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए शक्तिशाली अमेरिकी बी2 बॉम्बर हमलों का जिक्र करते हुए श्री ट्रम्प ने कहा कि उस कार्रवाई में लगभग ढह चुके पहाड़ों के नीचे यह संवर्धित परमाणु सामग्री दबी हुई है। श्री ट्रम्प के मुताबिक, इस बात पर सहमति बनी है कि दुनिया में चीन के अलावा केवल अमेरिका ही इकलौता ऐसा देश है, जिसके पास इतनी गहराई और मलबे से इस सामग्री को बाहर निकालने की यांत्रिक व तकनीकी क्षमता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित