वाशिंगटन , जुलाई 30 -- इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान युद्ध से जुड़े सभी निर्णय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही ले रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में व्हाइट हाउस में हुई बैठक के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए श्री ट्रंप पर दबाव बनाने संबंधी रिपोर्टों को खारिज कर दिया।

श्री ट्रंप ने हालांकि ईरान के साथ कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने एबीसी न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मुझे नहीं पता कि यह असंभव है या नहीं, लेकिन मैं ईरान की कार्यशैली को लेकर आशंकित हूं। वे हमेशा झूठ बोलते हैं, धोखाधड़ी करते हैं और समय बीतने का इंतजार करते हैं। क्या पर्याप्त कूटनीतिक और आर्थिक दबाव के जरिए इसे बदला जा सकता है? इसका प्रयास किया जा सकता है।"श्री नेतन्याहू ने पुष्टि की कि व्हाइट हाउस में बंद कमरे में हुई बैठक के बाद श्री ट्रंप ही अमेरिका-इजरायल गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं।

इजरायली प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब युद्ध के छठे महीने में प्रवेश करने के साथ दोनों नेताओं के बीच संबंधों में कुछ तनाव देखा गया है।

श्री नेतन्याहू ने कहा, "सच्चाई यह है कि हम साझेदार हैं, हम सहयोगी हैं। वह वरिष्ठ साझेदार हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह अमेरिका हैं और मैं एक जूनियर साझेदार हूँ। लेकिन मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूँ और जब मुझे अपने देश के हितों तथा सुरक्षा के लिए खड़ा होना होगा, तो मैं ऐसा करूंगा।"उन्होंने कहा, "मैं हमेशा इस बात की गहरी सराहना करता हूँ कि श्री ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने हमारे उस साझा दुश्मन के खिलाफ हमारा साथ दिया है, जो हम दोनों को तबाह करना चाहता है।"श्री ट्रंप हाल के सप्ताहों में सार्वजनिक रूप से श्री नेतन्याहू की आलोचना करते रहे हैं, विशेषकर लेबनान को लेकर उनकी नीति पर। उन्होंने श्री नेतन्याहू को 'पागल' तक कहा था, हालांकि उन्होंने इजरायल के समर्थन में अमेरिका की केंद्रीय भूमिका पर भी जोर दिया।

श्री नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ मतभेदों संबंधी रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया। श्री वेंस ट्रंप प्रशासन में ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता के प्रमुख समर्थकों में रहे हैं। श्री नेतन्याहू ने उन दावों को भी खारिज किया कि इजरायली प्रशासन युद्ध को अनिश्चितकाल तक खींचना चाहता है या अमेरिका-ईरान कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने श्री ट्रंप को सैन्य अभियान जारी रखने के लिए राजी करने के उद्देश्य से कोई खुफिया जानकारी प्रस्तुत की थी, श्री नेतन्याहू ने कहा, "यह सच नहीं है।"श्री नेतन्याहू ने पहले अमेरिका के साथ साझेदारी को 'ग्रेनाइट की दीवार' बताया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका में इजरायल के प्रति जनसमर्थन में आई गिरावट के लिए सोशल मीडिया और बॉट फार्म के जरिए फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाएं मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।

इजरायली प्रधानमंत्री के अनुसार, दोनों नेताओं ने ईरान के संबंध में तीन संभावित विकल्पों पर चर्चा की, जिनमें कूटनीतिक वार्ता, होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी बनाए रखना तथा आगे सैन्य अभियान चलाना शामिल है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय श्री ट्रंप ही करेंगे।

रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में श्री नेतन्याहू ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव बनाने की ईरान की क्षमता वैकल्पिक निर्यात मार्गों के विकास के साथ समय के साथ कम हो सकती है।

उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनकी सरकार का प्रमुख उद्देश्य है और चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी ईरानी हमले का इजरायल करारा जवाब देगा।

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