वाशिंगटन , अक्टूबर 26 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन में अमेरिकी यहूदी समुदाय के साथ संपर्क अधिकारी के रूप में काम कर चुकीं शेली ग्रीनस्पैन को नियुक्त किया है।
वह इजरायल के चुनाव से पहले ट्रंप की गाजा शांति योजना के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से अमेरिकी कांग्रेस और वाशिंगटन के थिंक टैंक के साथ संपर्क स्थापित करने की जिम्मेदारी संभालेंगी।
सुश्री ग्रीनस्पैन की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब बोर्ड अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और इजरायल में नयी सरकार के गठन के बाद शांति योजना को लागू करने के प्रयासों को फिर से गति देने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा या सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत हासिल करने की संभावना ने योजना के लिए दोनों प्रमुख दलों का समर्थन जुटाने की कोशिशों को और तेज कर दिया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले गाजा में आगे कदम उठाने से इनकार करने के कारण योजना पर प्रगति रुक गई है। हाल के महीनों में कई प्रमुख डेमोक्रेटिक नेताओं ने श्री ट्रंप के प्रस्ताव का समर्थन किया है।
अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने जून में इस योजना का समर्थन करते हुए इसे सबसे व्यवहार्य प्रस्ताव बताया था। विदेश विभाग की अनुभवी अधिकारी ग्रीनस्पैन ने बाइडेन प्रशासन के दौरान व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में अमेरिकी यहूदी समुदाय के साथ संपर्क अधिकारी और साझेदारी एवं वैश्विक सहभागिता निदेशक के रूप में काम किया था।अपनी नयी भूमिका में वह 'बोर्ड ऑफ पीस' के बाहरी मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके तहत पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर सांसदों और विशेषज्ञों के साथ संपर्क तथा संवाद का काम शामिल होगा।
बोर्ड ऑफ पीस ने समाचार वेबसाइट एक्सियोस से कहा, " शेली को विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ काम करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन, दोनों प्रशासनों के दौरान व्हाइट हाउस, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और विदेश विभाग में अपनी सेवाओं के जरिए दोनों दलों का विश्वास हासिल किया है। "बोर्ड ने कहा, " आगे के काम के लिए कांग्रेस का निरंतर और द्विदलीय समर्थन आवश्यक है तथा शेली इस प्रयास का नेतृत्व करने में विशिष्ट रूप से सक्षम हैं।"सुश्री ग्रीनस्पैन ने कहा कि विदेश विभाग में उनकी हालिया भूमिका में पश्चिम एशिया में शांति और समृद्धि के श्री ट्रंप के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना शामिल था।
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