पटना , जून 24 -- बिहार के विभिन्न सरकारी विभागों की ठेकेदारी में भ्रष्टाचार के मामले में विशेष निगरानी इकाई ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस)के अधिकारी संजीव हंस समेत सात लोगों के खिलाफ बुधवार को विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष निगरानी इकाई ने यह आरोप पत्र निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7(ए) , 8, 9, 10 एवं 12, बीएनएस की धारा 61 (2) एवं आंफिसियल सीक्रेट एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दायर किया है।
आरोप पत्र में संजीव हंस और पवन कुमार को फरार दिखलाया गया है। मामले की विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने बताया कि आरोपितों में संजीव हंस और पवन कुमार के अलावा ठेकेदार रिशुश्री, भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी, आवास विभाग के पूर्व कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह और संतोष कुमार शामिल हैं।
गौरतलब है की विशेष निगरानी इकाई राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों की ठेकेदारी में भ्रष्टाचार करने के आरोपों का यह मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान कर रही थी।दूसरी ओर इसी मुकदमे में अभियुक्त बनाये गये जेल में बंद भवन निर्माण विभाग के अवकाश प्राप्त मुख्य अभियंता तारिणी दास और ठेकेदार रिशु श्री की ओर से दाखिल की गई नियमित जमानत याचिका और आईएएस संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष अदालत ने 08 जुलाई 2026 की अगली तिथि निश्चित की है।
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