, Feb. 6 -- टिहरी,06 फ़रवरी(वार्ता उत्तराखंड में नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने टेंडर प्रक्रिया में लेनदेन और अनियमितता के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए आरोप लगाने वालों पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे तथाकथित समाजसेवी उन्हें ईमानदारी का पाठ न पढ़ाएं। पालिकाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि बेबुनियाद आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।

शुक्रवार को मीडिया से मुख़ातिब होते हुए पालिकाध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग महिला के अध्यक्ष पद पर आसीन होने को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। जनता से मिल रहे समर्थन से बौखलाए ये लोग अब अनर्गल आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के तहत तीन फरवरी को नगर पालिका कार्यालय पर प्रदर्शन कराया गया।

उन्होंने बताया कि उन पर टेंडर में अनियमितता करने और ठेकेदार से 11 लाख रुपये लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो पूरी तरह झूठे हैं। पालिकाध्यक्ष ने मीडिया के समक्ष नगर पालिका के सभी टेंडर दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन दिखे तो उसे स्पष्ट किया जाए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में पार्किंग ठेके को लेकर भी ऐसे ही आरोप लगे थे, जो न्यायालय में निराधार सिद्ध हुए थे।

नीलम बिजल्वाण ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों में नगर पालिका में पंजीकृत एक भी ठेकेदार शामिल नहीं था। 11 लाख रुपये लेने के आरोपों को हास्यास्पद बताते हुए उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा मानहानि के मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि आरोपकर्ता अपने आरोप प्रमाणित कर दें तो वे स्वयं पालिकाध्यक्ष पद छोड़ देंगी।

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