चेन्नई , जुलाई 10 -- तमिलनाडु की ग्रेटर चेन्नई सिटी पुलिस ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव में मतदान के दौरान पाला बदलने के लिए सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) के एक विधायक को 35 करोड़ रुपये की रिश्वत देने के प्रयास के मामले में मुख्य संदिग्ध लक्ष्मण पेरुमल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर नोटिस जारी किया है। फिलहाल पेरुमल के सिंगापुर में होने की आशंका है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए नौ लोगों से पूछताछ के दौरान लक्ष्मण पेरुमल की संलिप्तता का खुलासा हुआ है।

पुलिस ने बताया कि पेरुमल ने कथित तौर पर सौदेबाजी से जुड़े व्हाट्सएप संदेशों को हटा दिया था और उन होटलों से सीसीटीवी फुटेज हटवाने में मदद की थी जहां इस खरीद-फरोख्त की साजिश रचने के लिए बैठक हुई थी।

इस मामले में पूर्व मंत्री वी. सेंथिलबालाजी और उनके भाई वी. अशोक कुमार भी जांच के दायरे में हैं, क्योंकि उन्हीं के कहने पर विधायक को रिश्वत की पेशकश की गई थी। पुलिस के समन के बावजूद दोनों पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए, लेकिन अपने खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत ले ली।

विधायकों की खरीद-फरोख्त का यह विवाद तब सामने आया जब कृष्णागिरी जिले के उथंगारई निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित टीवीके विधायक डॉ. एन. इलैयाराजा ने दावा किया कि श्री सेंथिलबालाजी और उनके भाई के कहने पर थिरुनावुक्कारसु ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर मतदान के दौरान पाला बदलने के लिए उन्हें 35 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी।

उथंगारई विधायक द्वारा इस प्रयास का खुलासा करने के बाद पुलिस ने जांच की और मामले के संबंध में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के एक पदाधिकारी श्रीनिवासन भी शामिल हैं।

गिरफ्तार किए गए लोगों में करूर के दो व्यक्ति रमेश और कार्तिक शामिल हैं, जिन्हें द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के एक पूर्व मंत्री का करीबी बताया जाता है। इसके अलावा सेल्वन और राजेश तथा थिरुनावुक्कारसु के ड्राइवर कार्तिक को भी गिरफ्तार किया गया है।

इस बीच, पुलिस जांच के हवाले से आई रिपोर्टों से संकेत मिला है कि टीवीके के विधायकों को तोड़ने की कथित योजना में न केवल विपक्षी द्रमुक के राजनेता शामिल थे, बल्कि एक कॉरपोरेट इकाई भी शामिल थी, जिसने इस योजना को अंजाम देने के लिए 180 करोड़ रुपये अलग रखे थे।

रिपोर्टों के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपी इस साजिश को रचने के लिए शहर और ईस्ट कोस्ट रोड के सितारा होटलों में ठहरे हुए थे। जहां सितारा होटलों में उनके ठहरने का खर्च उस कॉरपोरेट कंपनी द्वारा उठाया गया था, वहीं इस योजना को अंजाम देने वाले समूह ने कथित तौर पर कुछ विधायकों से संपर्क किया था।

जहां कई विधायकों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, वहीं विधायक इलैयाराजा ने चेन्नई शहर के पुलिस आयुक्त से शिकायत की, जिसके बाद ये गिरफ्तारियां हुईं और सरकार को अस्थिर करने की साजिश का पर्दाफाश हुआ।

अभी विधायकों की खरीद-फरोख्त का यह विवाद राजनीतिक माहौल को गरमाए हुए था कि इसी बीच थूथुकुडी जिले के श्रीवैकुंठम से टीवीके के एक और विधायक जी. सरवनन ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए पूर्व द्रमुक मंत्री अनिता राधाकृष्णन पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने सहयोगियों के माध्यम से पाला बदलने के लिए उन्हें 50 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।

इस चौंकाने वाले 'खुलासे' के साथ ही श्री सरवनन ने एक ऑडियो भी जारी किया जिसमें राधाकृष्णन के सहयोगी कथित तौर पर उन्हें रिश्वत स्वीकार करने या गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।

टीवीके विधायक ने कहा, "राधाकृष्णन के सहयोगियों ने मुझे 50 करोड़ रुपये की रिश्वत स्वीकार करने और द्रमुक में शामिल होने के लिए मजबूर किया। मुझसे द्रमुक सरकार में मंत्री पद का वादा भी किया गया था। पूर्व मंत्री की ओर से एक सिनेमा हॉल के मालिक और चार अन्य लोगों ने मुझसे बात की थी। जब मैंने मना कर दिया, तो उन्होंने मुझे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। मैंने इस बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया है और मेरे पास इसके सबूत हैं।"इस बीच, पिछले शुक्रवार को तिरुचेंदुर से मौजूदा विधायक अनिता राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। उसी दिन आधी रात के आसपास जमानत मिलने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूछताछ की आड़ में उन पर विधायक पद से इस्तीफा देने और टीवीके में शामिल होने का दबाव बनाया था।

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