भोपाल , अक्टूबर 21 -- मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने टीबी उन्मूलन के प्रयासों के साथ नशामुक्त भारत अभियान को भी जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं और बच्चों को नशे के आर्थिक, सामाजिक और मानसिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।

श्री पटेल आज यहां एमपी स्टेट टीबी एसोसिएशन के 77वें टीबी सील अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अभियान के सहयोग के लिए 11 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित नशामुक्त भारत अभियान स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे बच्चों को घर से ही नशे से दूर रहने के संस्कार दें और उन्हें संयमित जीवन, पौष्टिक आहार तथा समुचित उपचार का महत्व समझाएं।

श्री पटेल ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान में मरीजों की जांच, उपचार और निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रत्येक मरीज तक सही जानकारी, दवाइयों और पौष्टिक आहार की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने टीबी रोगियों को सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवनशैली के प्रति जागरूक करने तथा अभियान को निरंतर और व्यापक रूप से संचालित करने पर भी जोर दिया।

राज्यपाल ने टीबी सील अभियान से जुड़े सदस्यों और स्वयंसेवी संस्थाओं से टीबी उन्मूलन के लिए समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पीड़ित मानवता की सेवा का कार्य है।

कार्यक्रम में एमपी स्टेट टीबी एसोसिएशन के अध्यक्ष जयपाल सचदेव ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया। श्री पटेल ने टीबी सील अभियान की जानकारी और जागरूकता पर आधारित किट का लोकार्पण भी किया। श्री सचदेव ने अभियान और उससे जुड़े नवाचारों की जानकारी दी, जबकि डॉ. अभिजीत देशमुख ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारी, एसोसिएशन के पदाधिकारी और अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित थे।

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