भुवनेश्वर , अक्टूबर 26 -- टीपी दक्षिणी ओडिशा वितरण लिमिटेड (टीपीएसओडीएल) ने संभावित चक्रवात अर्नब के प्रभाव से निपटने की तैयारी तेज करते हुए व्यापक आपातकालीन व्यवस्था की है।

इसके तहत दक्षिणी ओडिशा में मंडलवार तैनाती योजना के अंतर्गत 6,474 कर्मियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा 800 कुशल और अकुशल परियोजना कर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि 400 अन्य कर्मियों को तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखा गया है। बिजली वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा, बिजली के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा और चक्रवात के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के लिए आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत किया है।

तैयारियों के बारे में टीपीएसओडीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित कुमार गर्ग ने कहा, "हमारी प्राथमिकता उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की सुरक्षा तथा बिजली के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा करना है। कंपनी ने पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती, आवश्यक सामग्री का भंडारण, आपातकालीन उपकरणों की उपलब्धता और चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था करके अपनी तैयारियों को मजबूत किया है।"श्री गर्ग ने कहा, "हमारी टीमें संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगी और किसी भी व्यवधान पर तुरंत कार्रवाई करेंगी। परिस्थितियां सुरक्षित होते ही बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम शुरू कर दिया जायेगा।" उन्होंने लोगों से आधिकारिक परामर्श का पालन करने और भारी बारिश तथा तेज हवाओं के दौरान बिजली के उपकरणों एवं प्रतिष्ठानों के आसपास सावधानी बरतने की अपील की।

टीपीएसओडीएल ने अपनी व्यावसायिक निरंतरता एवं आपदा प्रबंधन योजना सक्रिय कर दी है। चक्रवात के दौरान समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कंपनी के परिचालन क्षेत्रों में कर्मचारियों, आपातकालीन सामग्री और राहत प्रतिक्रिया तंत्र की व्यवस्था की गयी है।

बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने के लिए कंपनी ने छह मोबाइल वितरण सबस्टेशन और 358 वाहनों को आपातकालीन कार्यों के लिए तैयार रखा है। उसके पास 32 पावर ट्रांसफॉर्मर और 862 वितरण ट्रांसफॉर्मर सहित अतिरिक्त सामग्री का भंडार है। इसके अलावा, 2,814 किलोमीटर नंगे बिजली तार, 516 किलोमीटर लो-टेंशन (एलटी) एरियल बंच्ड केबल और 95 किलोमीटर हाई-टेंशन (एचटी) एक्सएलपीई केबल भी उपलब्ध हैं। बेरहामपुर के अंबागड़ा स्थित केंद्रीय आपातकालीन नियंत्रण केंद्र (सीईसीसी) केंद्रीय विद्युत प्रणाली नियंत्रण केंद्र के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी और आपातकालीन कार्रवाई का समन्वय करेगा। इसके अतिरिक्त, जयपुर, रायगड़ा और भंजनगर स्थित क्षेत्रीय विद्युत प्रणाली नियंत्रण केंद्र स्थानीय बिजली नेटवर्क की स्थिति पर नजर रखेंगे और मौके पर तैनात टीमों के कामकाज का समन्वय करेंगे। आपातकालीन गतिविधियों में सहायता के लिए सर्किल और मंडल स्तर पर विशेष नियंत्रण कक्ष भी लगातार काम करेंगे। चक्रवात के दौरान प्रभावी संचार और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर के समन्वयक भी जिला प्रशासन और संबंधित आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित