प्रयागराज , सितंबर 22 -- उत्तर प्रदेश में टीजीटी-पीजीटी भर्ती पुरानी नियमावली के तहत कराने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन मंगलवार को लगातार 18वें दिन जारी रहा। प्रतियोगी छात्र लगातार दूसरे दिन शिक्षा निदेशालय परिसर में धरने पर डटे रहे।

शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है और बाहर से आने वाले छात्रों को अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। हालांकि बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र पहले से निदेशालय परिसर में मौजूद हैं। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा के कार्यालय के बाहर चार प्रतियोगी छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं।

आंदोलनरत छात्र-छात्राएं देशभक्ति गीत और भजन गाकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। बैरिकेडिंग पर रोके जाने को लेकर पुलिस और छात्रों के बीच कई बार कहासुनी और धक्का-मुक्की भी हुई। इसी बीच लखनऊ से आंदोलनरत छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के आंदोलन का जिक्र करते हुए माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से कहा कि वह राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखकर टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों को एक अवसर देने का अनुरोध करें।

मुख्यमंत्री के इस बयान की जानकारी मिलने पर आंदोलनरत छात्रों ने उनके समर्थन में नारे लगाए। छात्रों ने इसे अपने आंदोलन की पहली जीत बताया। हालांकि उन्होंने आमरण अनशन और धरना समाप्त नहीं किया है।

आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं का कहना है कि जब तक शासन और प्रशासन की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्र लगातार नारेबाजी करते हुए पुरानी नियमावली के तहत टीजीटी-पीजीटी भर्ती कराने की मांग कर रहे हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित