भोपाल , अप्रैल 7 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं। टीकाकरण कार्य में कथित लापरवाही के आरोप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा जारी नोटिस में एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हो पाई, जिससे राज्य स्तर की उपलब्धियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
इधर, एनएसयूआई ने इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि सीएमएचओ स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण पर ध्यान देने के बजाय फर्जी अस्पतालों से सांठगांठ में लगे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी के विरुद्ध पूर्व से प्रकरण लंबित होने के बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। संगठन ने सीएमएचओ के निलंबन और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले में जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
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