रांची , सितंबर 21 -- मुठभेड़ में मारे गए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) के सुप्रीमो बृजेश गंझू का शव सोमवार को उसके पैतृक गांव चतरा के पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र स्थित मेरमगढ़ा गांव पहुंचा।

शव के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित उसके आवास के आसपास जुटने लगे। बृजेश के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के इलाकों से भी लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।

अंतिम संस्कार को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी अप्रिय घटना या असामाजिक गतिविधि को रोकने के लिए गांव और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। गांव के मुख्य रास्तों, चौराहों और श्मशानघाट के आसपास पुलिस तथा पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती की गई है। इलाके में आने-जाने वाले लोगों और वाहनों पर भी निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बृजेश गंझू लंबे समय से टीएसपीसी में सक्रिय था और संगठन के शीर्ष कमांडरों में शामिल बताया जाता था। वह झारखंड और आसपास के राज्यों में संगठन की गतिविधियों में भूमिका निभाता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, चतरा जिले के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली और हिंसा से जुड़े 43 गंभीर उग्रवादी मामले दर्ज थे। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं।

ज्ञातव्य हो कि रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश एसटीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने वाराणसी में संयुक्त अभियान चलाया था। इस दौरान हुई मुठभेड़ में टीएसपीसी कमांडर बृजेश गंझू मारा गया। घटना के बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद सोमवार को शव को उसके पैतृक गांव चतरा लाया गया। पुलिस की निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।

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