प्रयागराज , फरवरी 26 -- सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश में शिक्षकों का आंदोलन तेज हो गया है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले गुरुवार को सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसी क्रम में संगम नगरी प्रयागराज में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी के माध्यम से प्रेषित किया।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का आरोप है कि टीईटी अनिवार्य किए जाने से लाखों शिक्षकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि कई वर्षों से कार्यरत शिक्षक स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने अब तक अपना स्पष्ट रुख नहीं रखा है, जबकि विभिन्न प्रदेश सरकारों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार हस्तक्षेप नहीं करती और टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए पहल नहीं होती, तो मार्च के तीसरे सप्ताह में देशभर के प्रभावित शिक्षक नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
गौरतलब है कि टीएफआई ने चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत 22 फरवरी को सोशल मीडिया मंच एक्स पर "जस्टिस फॉर टीचर्स" अभियान चलाकर की थी, जो उस दिन ट्रेंड में रहा। 23 से 25 फरवरी तक शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया और गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालयों का घेराव कर प्रदर्शन किया।
प्रयागराज में हुए प्रदर्शन में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, मान्यता प्राप्त जूनियर शिक्षक संघ और महिला शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षक शामिल रहे।
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