हैदराबाद , अक्टूबर 28 -- तेलंगाना रक्षण सेना (टीआरएस) ने बुधवार को बागलिंगमपल्ली स्थित आरटीसी कल्याण मंडपम में 'ओबीसी घोषणा पत्र' बैठक का आयोजन कर देशव्यापी जाति जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए एक अलग कॉलम बनाने और शिक्षा, रोजगार तथा राजनीति में उनकी आनुपातिक हिस्सेदारी की मांग से जुड़ा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।

बैठक को संबोधित करते हुए टीआरएस अध्यक्ष के कविता ने समर्पित ओबीसी कॉलम और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ट कोड के साथ राष्ट्रव्यापी जाति-आधारित जनगणना कराने की मांग की। उन्होंने आरक्षण पर लगी 50 प्रतिशत की सीमा हटाने, बीसी, एससी और एसटी समुदायों के बैकलॉग पदों को भरने, निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने और विश्वविद्यालयों में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की मांग रखी। घोषणा पत्र में तेलंगाना में 42 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण देने की भी मांग की गयी।

सुश्री कविता ने इस बात पर जोर दिया कि आरक्षण व्यवस्था की रक्षा के लिए बीसी, एससी और एसटी वर्गों को एकजुट होना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार इन समुदायों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों की आबादी का सटीक आकलन करने और शिक्षा, रोजगार तथा सार्वजनिक संसाधनों में उनका हक सुनिश्चित करने के लिए एक सटीक जाति जनगणना बेहद जरूरी है।

केंद्र और तेलंगाना सरकार दोनों की आलोचना करते हुए उन्होंने बीसी कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए। उन्होंने तेलंगाना सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और जनगणना में अलग ओबीसी कॉलम की मांग से जुड़ा प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया। उन्होंने देश भर से आए नेताओं को आने वाली पीढ़ियों के सामाजिक न्याय के लिए निरंतर संघर्ष में अपने समर्थन का आश्वासन दिया।

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