पटना , मई 20 -- भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी -लेनिनवादी (भाकपा माले ) के राज्य सचिव कुणाल ने टीआरई 4.0 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को हिरासत में लिए जाने को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि सरकार रोजगार देने के बजाय उनका दमन कर रही है। श्री कुणाल आज बयान जारी कर कहा कि पटना में बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षाटीआरई 4.0 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अलोकतांत्रिक है।
श्री कुणाल ने कहा कि बिहार के लाखों युवा लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार रोजगार देने के बजाय आवाज उठाने वाले अभ्यर्थियों पर दमन कर रही है।उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले भी शिक्षक अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था, जिस पर सरकार ने सकारात्मक पहल करने के बजाय लाठीचार्ज और दमन का रास्ता अपनाया। अब एक बार फिर अभ्यर्थियों को हिरासत में लेना साबित करता है कि सरकार युवाओं की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें दबाने की नीति पर चल रही है।
श्री कुणाल ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली पड़े हैं, स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, फिर भी सरकारटीआरई 4.0 की वैकेंसी जारी करने में लगातार टालमटोल कर रही है। इससे बेरोजगार युवा लगातार आंदोलन करने को मजबूर हैं।
भाकपा माले नेता ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को हिरासत में लेना उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने हिरासत में लिए गए सभी अभ्यर्थियों की अविलंब रिहाई और टीआरई 4.0 की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।
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