पटना , मई 10 -- ीआरई-4अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में रविवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले),अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) और क्रांतिकारी युवा संघ (आरवाईए) ने राज्यभर में प्रदर्शन किया। भाकपा माले ने आज यहाँ जारी बयान में कहा कि आठ मई को पटना में रोजगार और शिक्षक बहाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया, जिसके विरोध में पटना समेत बेगूसराय, आरा, सिवान, दरभंगा, गया, बिहारशरीफ और समस्तीपुर सहित कई जिलों में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पटना के जीपीओ गोलंबर पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-नौजवान शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यक्रम में के.डी. यादव, कमलेश शर्मा, जितेंद्र कुमार, कुमार दिव्यम, पुनीत पाठक, विनय कुमार, मुर्तजा अली, अनुराधा सिंह, अन्य मेहता, सत्येंद्र कुमार , अभिषेक कुमार, नौशाद और आशा देवी समेत कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने आरोप लगाया कि रोजगार और शिक्षक बहाली की मांग उठा रहे युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी घायल हुए तथा महिला अभ्यर्थियों के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया।
नेताओं ने कहा कि बिहार में शिक्षकों के लाखों पद खाली हैं, लेकिन सरकार बहाली प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बजाय आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सरकार रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रही है।
भाकपा-माले, आइसा और आरवाईए ने सरकार से तत्काल टीआरई-4 की वैकेंसी जारी करने, अभ्यर्थियों की मांगें मानने, लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा घायल अभ्यर्थियों के इलाज और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ।
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