टिहरी,21मार्च(वार्ता)उत्तराखंड में टिहरी जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल बिलों में हुई भारी बढ़ोतरी को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल संस्थान द्वारा बिना पूर्व सूचना और सहमति के बिलों में कई गुना वृद्धि कर दी गई है, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है।
स्थानीय ग्रामीण राजेंद्र सिंह ने समस्या के निराकरण को लेकर शनिवार को क्षेत्रीय विधायक किशोर उपाध्याय को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने बताया कि पहले जहां ग्रामीण उपभोक्ता मात्र 45 रुपये मासिक शुल्क देकर पेयजल सुविधा का लाभ उठा रहे थे, वहीं "हर घर नल" योजना के तहत कनेक्शन मिलने के बाद यह शुल्क बढ़कर करीब 216 रुपये प्रतिमाह हो गया है। अचानक हुई इस वृद्धि ने विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके क्षेत्रों में अधिकांश पेयजल स्थानीय प्राकृतिक स्रोतों-धारों और गदेरों-से ही उपलब्ध कराया जाता है, ऐसे में इतनी अधिक शुल्क वृद्धि उचित नहीं है। कई लोगों ने बताया कि अब उनका पानी का बिल बिजली बिल से भी ज्यादा आने लगा है, जो उनके लिए चिंता का विषय बन गया है।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शुल्क बढ़ाने से पहले न तो उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई। उन्होंने मांग की है कि यदि कहीं सहमति ली गई है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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