टिहरी , फरवरी 19 -- सहकारिता की भावना को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में 20 से 26 फरवरी तक सहकारिता मेले का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 'पर्यावरण संरक्षण एवं ईको पर्यटन' थीम पर आधारित होगा।

मुख्य विकास अधिकारी वरूणा अग्रवाल ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह मेला नन्दा की छैली, बादशाहीथौल में आयोजित किया जाएगा, जहां सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों, महिला मंगल दलों और स्थानीय उत्पादकों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि यह आयोजन संयुक्त राष्ट्र महासंघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किए जाने की कड़ी में किया जा रहा है, जिसकी थीम "Cooperative Build a Better World" निर्धारित की गई है। मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि एवं उद्यान उत्पाद, जैविक उत्पाद, दुग्ध और पशुपालन से जुड़े उत्पाद, पारम्परिक व्यंजन तथा वन उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम एवं परिचर्चाएं भी आयोजित होंगी।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सहकारिता मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए किसानों, महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता भी बढ़ेगी।

जिला प्रशासन ने जनपद के नागरिकों, स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर मेले को सफल बनाने की अपील की है।

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