अगरतला , अक्टूबर 29 -- त्रिपुरा में टिपरा माेथा के संस्थापक और शाही वंशज प्रद्योत किशोर देबबर्मन ने बुधवार रात मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा और मुख्य सचिव जेके सिन्हा से मुलाकात की, जिसमें उन्हें आश्वासन दिया गया कि 2024 के 'टिपरासा (आदिवासी) समझौते' को एक तय समय-सीमा के भीतर लागू किया जाएगा।

शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री के साथ श्री प्रद्योत की इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली त्रिपुरा सरकार में सहयोगी टिपरा मोथा ने घोषणा की है कि जब तक इस समझौते को लागू नहीं किया जाता और आदिवासियों के भूमि अधिकारों को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक वे भाजपा के साथ चुनावी गठबंधन तोड़ देंगे।

गौरतलब है कि श्री प्रद्योत ने सिर्फ तीन सप्ताह पहले ही सक्रिय राजनीति से पीछे हटने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि राजनीति में उनका आना किसी निजी महत्वाकांक्षा के कारण नहीं था बल्कि इसलिए था क्योंकि आदिवासी लोगों को बार-बार उनके सम्मान और अधिकारों से वंचित रखा जा रहा था। चुनाव की घोषणा से ठीक पहले हालांकि उनकी यह वापसी उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। श्री प्रद्योत ने बैठकों के बाद बातचीत को सकारात्मक बताया। इस समझौते का उद्देश्य 'टिपरासा' (आदिवासी) लोगों के अधिकारों की रक्षा करना है और उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में इसे लागू करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि बातचीत सकारात्मक रही और उन्हें आश्वासन दिया गया है कि समझौते को एक तय समय-सीमा के भीतर लागू किया जाएगा।

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