पटना , अप्रैल 05 -- बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री अरूण शंकर प्रसाद ने रविवार को कहा कि टिकुली चित्रकला बिहार की एक प्राचीन कला है, जिसे सहेजना और संवारना बेहद जरूरी है।
टिकुली कला को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में पहल करते हुए आज बिहार संग्रहालय, पटना की ओर से "टिकुली कलाः अन्तर्निहित सौंदर्य प्रदर्शनी की शुरुआत की गई। इस अवसर पर टिकुली चित्रकला प्रदर्शनी पर आधारित एक कैटलॉग का अनावरण भी किया गया।
मंत्री श्री प्रसाद ने प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि टिकुली चित्रकला बिहार की एक प्राचीन कला है, जिसके साथ पटना शहर की पहचान जुड़ी है। अतः इस कता को सहेजना और संवारना बेहद जरूरी है। इस दिशा में बिहार संग्रहालय प्रबंधन की यह पहल वाकई ऐतिहासिक पहल कही जा सकती है। उन्होंने कहा कि पहली बार, टिकुली कला को इसकी पूरी गहराई और व्यापकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें इसकी उत्पत्ति, इसकी तकनीकें और इसका रूपांकन शामिल हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि अपने निर्माण वर्ष से लेकर अब तक बिहार संग्रहालय सतत रूप से प्राचीन ऐतिहासिक कलाकृतियों के साथ-साथ बिहार की लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्द्धन, प्रदर्शन और विपणन के प्रति भी कटिबद्ध रहा है।आज पहली बार यहां टिकुली चित्रकला की प्रदर्शनी आयोजित की गयी है।
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