मुंबई , मार्च 17 -- निजी क्षेत्र की प्रमुख इस्पात कंपनी टाटा स्टील के निदेशक मंडल ने नीलाचल इस्पात निगम के कंपनी में विलय को मंगलवार को मंजूरी प्रदान कर दी।

नीलाचल इस्पात निगम टाटा स्टील की ही पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है जिसका मुख्यालय ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में है। पिछले साल 31 मार्च को उसका कुल राजस्व 5,701 करोड़ रुपये और निवल परिसंपत्ति 2,365.81 करोड़ रुपये ऋणात्मक रही थी।

टाटा स्टील ने शेयर बाजार को बताया कि इस विलय से उसकी परिचालन दक्षता और कारोबारी तालमेल बेहतर होगी। वित्तीय प्रबंधकीय एवं तकनीकी संसाधनों, कर्मचारियों, क्षमता, कौशल, विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी के एक साथ हो जाने से संयंत्रों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा, लागत में कमी आयेगी और शेयरधारकों को अधिकतम लाभ मिलेगा।

इसके अलावा टाटा स्टील के निदेशक मंडल ने सिंगापुर में पंजीकृत टाटा स्टील होल्डिंग्स में इक्विटी शेयरों के सब्सक्रिप्शन के जरिये दो अरब डॉलर (लगभग 18,488 करोड़ रुपये) के पूंजी निवेश के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान कर दी।

टाटा स्टील होल्डिंग्स भी टाटा स्टील की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है। इस्पात निर्माता कंपनी विदेशों में स्थित अपनी अप्रत्यक्ष सहायक इकाइयों में इसके जरिये इक्विटी में निवेश करती है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी की कुल आय 58.31 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 21 लाख रुपये था। उसका नेटवर्थ 48,677 करोड़ रुपये रहा था।

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