मुंबई , अक्टूबर 19 -- महाराष्ट्र की मुंबई पुलिस ने जुहू में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई गोलीबारी की घटना में शामिल हमलावरों को दबोचने के लिए 15 टीमों का गठन किया है। वहीं, इस जांच में एक नया सुराग हाथ लगा है, जिसमें अभिनेता के ड्राइवर के मोबाइल फोन पर एक धमकी भरा ऑडियो क्लिप मिलने की बात सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, इस ऑडियो क्लिप में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है।

पुलिस इस बात की पुष्टि करने के लिए रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है कि यह कितनी असली है, कहां से भेजी गई है और क्या इसका संबंध इस गोलीबारी की घटना से है। पुलिस ने अभी तक इस ऑडियो की सत्यता या किसी गिरोह के हाथ होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

'ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन' (एआईसीडब्ल्यूए) ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया है कि वे फिल्मी हस्तियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करें।

एसोसिएशन के अध्यक्ष इंजीनियर सुरेश श्यामल लाल गुप्ता ने कहा कि फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को लगातार मिल रही धमकियां और हमले बेहद चिंता का विषय हैं। उन्होंने गोली चलाने वालों की तुरंत गिरफ्तारी और इस हमले की साजिश रचने या इसमें मदद करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

संगठन ने अभिनेताओं, निर्माताओं, निर्देशकों और उनके परिजनों के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाने की भी मांग की है। उसने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि वे ऐसे प्रभावी एहतियाती कदम उठाएं ताकि फिल्म जगत से जुड़े लोग बिना किसी डर के काम कर सकें।

श्री गुप्ता ने 1990 के दशक के उस दौर की याद दिलाते हुए आगाह किया जब अंडरवर्ल्ड की धमकियों से बॉलीवुड का माहौल खराब रहता था और कई फिल्मी हस्तियों को संगठित आपराधिक गिरोहों से धमकियां एवं रंगदारी की मांगी जाती थीं।

फिलहाल मुंबई पुलिस और अपराध शाखा इस गोलीबारी की घटना की जांच में जुटी हैं।

पुलिस ने टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर फिरदौस का बयान दर्ज कर लिया है, जो इस हमले में बाएं हाथ में गोली लगने से घायल हो गए थे। यह घटना रविवार शाम करीब सात बजे जुहू में पुष्पा नरसी पार्क के पास हुई, जहां अभिनेता फुटबॉल खेलने गए थे। अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। इस गोलीबारी में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनका ड्राइवर घायल हो गया।

जांचकर्ताओं ने हमलावरों की तलाश तेज कर दी है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज, वहां से भागने के संभावित रास्तों तथा अन्य साक्ष्यों को खंगाल रहे हैं। वे इस पूरी घटना के क्रम को समझने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए चश्मदीदों के बयान भी दर्ज कर रहे हैं।

पुलिस गोलीबारी के पीछे की मंशा और इस बात समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है कि क्या यह हमला अभिनेता को डराने के लिए था या इसका संबंध फिल्म इंडस्ट्री के अन्य सदस्यों को मिली धमकियों से है। सामने आए ऑडियो मैसेज की भी इस बात के लिए बारीकी से जांच हो रही है कि क्या इसका गोलीबारी से कोई लेना-देना है। हालांकि, जांचकर्ताओं ने अभी तक इन दोनों मामलों के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं किया है और न ही हमलावरों की पहचान एवं उनके संबंधों के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई पुष्टि की है।

इस घटना ने बॉलीवुड हस्तियों और उनके सहयोगियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है, खासकर संगठित अपराध समूहों द्वारा धमकियों, रंगदारी और डराने-धमकाने के उद्योग के पुराने इतिहास को देखते हुए। पुलिस हमलावरों की पहचान करने, ऑडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता जांचने और हमले के पीछे की मुख्य वजह का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

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