श्रीगंगानगर , दिसम्बर 16 -- राजस्थान में सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के टांटिया विश्वविद्यालय ने सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नयी मिसाल कायम की है।

टांटिया समूह के जनरल मैनेजर डॉ. विकास सचदेवा ने मंगलवार को बताया कि विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मोहित टांटिया ने दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करके उन्हें न सिर्फ सीमा क्षेत्र की चुनौतियों और सांस्कृतिक धरोहर से अवगत कराया, बल्कि विश्वविद्यालय के निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं की मेहनत का एक खूबसूरत नमूना भी भेंट किया।

उन्होंने बताया कि विशेष मुलाकात के दौरान डॉ. टांटिया ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे गांवों के निवासियों की जुझारू भावना को उजागर किया कि कैसे ये समुदाय कठिन परिस्थितियों में भी अपनी संस्कृति और विरासत को जीवित रखते हैं। राष्ट्रपति ने इस चर्चा में गहरी रुचि दिखाई और क्षेत्र की चुनौतियों पर खुलकर बात की। मुलाकात से पहले डॉ. टांटिया को राष्ट्रपति भवन का विशेष दौरा भी कराया गया, जहां उन्होंने देश के सर्वोच्च कार्यालय की कार्यप्रणाली, प्रोटोकॉल और व्यवस्थाओं को करीब से समझा।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर डॉ. टांटिया ने राष्ट्रपति को विश्वविद्यालय के सिलाई केंद्र में प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा तैयार की गई फुलकारी शॉल और गाय-बछड़े की भावपूर्ण प्रतिमा भेंट की। यह तोहफा न केवल कारीगरी का प्रतीक था, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की कहानी भी बयां करता है। बैठक में पश्चिम बंगाल से लोकसभा सांसद खगेन मुर्मु भी उपस्थित थे।

डाॅ सचदेवा ने बताया कि इस अवसर पर डॉ. टांटिया ने राष्ट्रपति को श्रीगंगानगर आने का हार्दिक निमंत्रण दिया और टांटिया समूह के विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

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