बेंगलुरु , अक्टूबर 23 -- पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने शुक्रवार को यहां कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से मुलाकात की।
श्री टस्क राज्य में निवेश और सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए करीब 100 कारोबारी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल की विशेष रुचि प्रौद्योगिकी और तेजी से विकास कर रहे अन्य क्षेत्रों में है।
यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पोलैंड भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। कर्नाटक में सूचना प्रौद्योगिकी का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र है, जिससे सूचना प्रौद्योगिकी, संचार, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और औद्योगिक नवाचार के क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं हैं। बैठक में राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।
इससे पहले पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की ने दोनों देशों के बीच व्यापार और कारोबारी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया था। उन्होंने टस्क के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में पोलैंड के सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष उद्योग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी का भी उल्लेख किया था।
बेंगलुरु में प्रतिनिधिमंडल के दौरे का उद्देश्य भारत के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) क्षेत्र के साथ संबंधों को मजबूत करना और पोलिश कंपनियों के लिए भारतीय कारोबारियों के साथ काम करने के अवसर तलाशना है।
श्री डोमान्स्की ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित देश के राजनीतिक नेताओं और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की है। उन्होंने कहा कि पोलैंड भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2013 में 1.95 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025 में 6.36 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो 192 प्रतिशत की वृद्धि है। व्यापार संतुलन मुख्य रूप से भारत के पक्ष में रहा है।
भारत से पोलैंड को होने वाले प्रमुख निर्यात में कपड़ा एवं परिधान, रसायन एवं दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी, इंजीनियरिंग उत्पाद, वाहन, रबर और खनिज ईंधन शामिल हैं।
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