महोबा, अप्रेल 22 -- उत्तर प्रदेश मे महोबा जिले के चरखारी क्षेत्र में जल जीवन मिशन की आधी अधूरी व असफल परियोजना के सुचारु तरीके से संचालन के लिए उच्च अधिकारियो द्वारा डाले जा रहे दबाव से क्षुब्ध होकर एक टंकी आपरेटर द्वारा बुधवार को फांसी पर झूल कर आत्महत्या कर लेने से ह्ड़कंप मचा है।
पुलिस उप अधीक्षक दीपक दुबे ने बताया की हर घर नल से जल योजना मे ऑपरेटर गोरहारी निवासी 31 वर्षीय धनप्रसाद अहिरवार का पहाड़ी के पास एक पेड़ पर फांसी से लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने बताया की वह सुबह करीब आठ बजे टंकी पर जाने की बात कह कर घर से निकला था। लेकिन वहाँ न जाकर बाबा की पहड़िया मे पहुंच गया। जहाँ उसने पेड़ पर फांसी लगा ली। मृतक अपने पीछे पत्नी रामकली उम्र 28 वर्ष और दो बच्चे जिसमें मयंक उम्र 10 वर्ष आशु उम्र 6 वर्ष व माता पिता को रोता बिलखता छोड़ गया।
पुलिस उप अधीक्षक ने बताया की धन प्रसाद के आत्महत्या का कारण स्पस्ट नहीं है लेकिन ग्रामीणों ओर उसके पिता व भाई काम के तनाव को कारण बता रहे है। उनके मुताबिक चूँकि धनप्रसाद पानी की टंकी में ऑपरेटर था.लेकिन परियोजना का आधा अधूरा काम होने से आए दिन गांव में पानी की सप्लाई न हो पाने से वह परेशान रहता था। गांव के लोग फोन करके पानी न मिलने ओर उच्च अधिकारियो से उसकी शिकायत करने की धमकी देते थे। तब वह बैचेन हो जाता था। पिता राम प्रकाश ने कहा की ऊपर के अधिकारी धन प्रसाद की बात नहीं सुनते थे। जिसके चलते वह नौकरी भी छोड़ना चाहता था। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहा था। परिणाम स्वरुप नौकरी की टेंशन उसके दिमाग में घर बना गई और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
गौरहरी चौकी प्रभारी बृजकिशोर शुक्ला ने बताया की धन प्रसाद की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटना की जाँच कर रही है।
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