मानसा , अक्टूबर 24 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को कहा कि नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा ने राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए जिस अभियान की शुरुआत की थी, उसे आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
श्री जाखड़ आज मानसा पहुंचे और झोटा को श्रद्धांजलि दी। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में लोग अपने-अपने स्तर पर नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन नशे की अधिक मात्रा के कारण होने वाली मौतों के साथ-साथ नशा विरोधी आवाज उठाने वालों की सुरक्षा भी गंभीर चिंता का विषय बन गयी है। उन्होंने कहा कि झोटा का अभियान किसी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब को नशे के संकट से बचाने के लिए था। इस संघर्ष में उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के गांवों में स्थिति चिंताजनक है। कहीं नशे के कारण लोगों की जान जा रही है, तो कहीं नशे के खिलाफ लड़ने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य दांव पर है, लेकिन भगवंत मान सरकार इन समस्याओं से निपटने में विफल दिखाई दे रही है।
श्री जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा विधानसभा में दिल्ली हवाई अड्डे पर जांच के लिए रोके जाने का मुद्दा उठाने पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को झोटा के मामले और पंजाब के लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि इतने दिन बीतने के बावजूद सरकार का कोई मंत्री झोटा के परिवार से मिलने नहीं पहुंचा, जो सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने झोटा के पिता और पत्नी के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में भी उनका नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखना प्रेरणादायक है। उन्होंने परिवार को हर संभव समर्थन देने की बात कही।
भाजपा नेता ने कहा कि दिल्ली से आकर पंजाब चलाने वाले लोग राज्य के लोगों के स्वाभिमान, संघर्ष और भावनाओं को नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे और अपराध की समस्याएं गंभीर हैं तथा मंडियों में किसानों की फसलें पड़ी हैं। ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।
श्री जाखड़ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से नशे से जुड़े मामलों की जांच का दायरा बढ़ाने और मुख्यालय में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर की भूमिका की भी जांच करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसा में नशे से जुड़े मामले में जिस ड्रग इंस्पेक्टर को सरकार ने पहले भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में गिरफ्तार किया था, उसे अब मुख्यालय में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने उसे सरकार की 'कैश काऊ' बताते हुए दावा किया कि उसकी भूमिका की जांच से कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक भले ही बंधुआ मजदूरों की तरह व्यवहार कर रहे हों, लेकिन पंजाब बंधुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर जवाबदेही तय करेगी।
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