घनौर , अक्टूबर 15 -- यूथ अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और घनौर विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी सरबजीत सिंह झिंजर ने बृहस्पतिवार को परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आयोजित धरने का नेतृत्व किया।

उन्होंने हत्या को पंजाब के युवाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर नशे की समस्या को लेकर निशाना साधा।

सभा को संबोधित करते हुए श्री झिंजर ने कहा कि झोटा की हत्या उस समय की गई, जब वह नशे की बिक्री पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं पर हमला है।

श्री झिंजर ने पिछले महीने गुलजार सिंह की मौत का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मंत्री हरपाल सिंह चीमा से नशे की बिक्री को लेकर सवाल उठाने के बाद गुलजार सिंह को अपमानित किया गया, जिसके कारण उन्होंने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने दावा किया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकारों, आम नागरिकों और नेताओं को धमकियों का सामना करना पड़ता है।

अकाली नेता ने दावा किया कि पिछले चार महीनों में घनौर क्षेत्र में नशे की अधिक मात्रा के कारण कम से कम 20 युवाओं की मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार सामाजिक बदनामी और अन्य आशंकाओं के कारण ऐसे मामलों पर खुलकर बात नहीं करते।

श्री झिंजर ने कहा कि वह कथित झूठी प्राथमिकी से डरने वाले नहीं हैं और नशे के मुद्दे को उठाते रहेंगे। उन्होंने झोटा की हत्या को आप सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताते हुए पार्टी पर सत्ता में बने रहने के लिए अनुचित हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया?शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य जस्मेर सिंह लाछड़ू ने भी सरकार पर नशे के कारोबार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि नशा विरोधी अभियान प्रभावी होता, तो राज्य में स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने झोटा हत्याकांड की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने की मांग की।

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