जोधपुर , जून 01 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे आज जिस तरह खड़े किये जा रहे झूठे और फर्जी नैरेटिव को समाप्त करने के लिए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रयोग करें।

श्री शेखावत ने सोमवार को भाजपा जोधपुर देहात दक्षिण के प्रशिक्षण वर्ग के प्रारंभिक सत्र में कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, इतिहास और भविष्य की दिशा पर मार्गदर्शन करते हुए यह आह्वान किया। उन्होंने कहा," आज कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि हमको केवल चुनाव जीतने मात्र के लिए नहीं काम करना है। हमको विकसित भारत का निर्माण करने का जो संकल्प है, वह 140 करोड़ लोगों के जीवन में उतरे। देश का हर गांव, हर ढाणी, हर मजरे में बैठा हुआ आदमी इस संकल्प के साथ में जुड़े। वह युवा पीढ़ी को इसके साथ में जोड़ने के लिए काम करें। "उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता डिजिटल युग में अपनी प्रभावी भूमिका निभाएं, क्योंकि आज जिस तरह के झूठे और फर्जी नैरेटिव खड़े किये जा रहे हैं। हमारी विचारधारा को क्षीण करने के लिए, उसको समाप्त करने के लिए वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लड़ाई करें।

श्री शेखावत ने स्पष्ट कहा, " इस संघर्ष के लिए हम सब लोग जुटें और हम सबको यह काम करते हुए सिर्फ इस बात का विश्वास रखना है कि विचार का बीज कभी सूखता नहीं है। विचार हारता नहीं है। संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। समर्पित कार्यकर्ता ही इतिहास का निर्माण करते हैं। "उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसकी कार्यपद्धति है, जिसमें एक व्यक्ति को सदस्य, सदस्य को कार्यकर्ता और कार्यकर्ता को नेतृत्वकर्ता बनाने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के भीतर पार्टी की नीति, रीति और वैचारिक स्पष्टता को मजबूत करना है, क्योंकि कार्यकर्ता ही संगठन का वास्तविक चेहरा होते हैं।

श्री शेखावत ने कहा कि अधिकांश राजनीतिक दल किसी आंदोलन या व्यक्ति विशेष के प्रभाव से बने हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी एक विचारधारा पर आधारित दल है। वामपंथी विचारधारा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय उसका व्यापक प्रभाव था, लेकिन व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अभाव और प्रकृति के सिद्धांतों के विपरीत होने के कारण वह धीरे-धीरे कमजोर हो गयी। इसके विपरीत भाजपा की विचारधारा राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित है, जो समय के साथ और मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की यात्रा सत्ता से नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा और विचार से शुरू हुई है। वर्ष 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा जनसंघ की स्थापना के साथ इस वैचारिक यात्रा की शुरुआत हुई। संसाधनों की कमी के बावजूद कार्यकर्ताओं के समर्पण ने पार्टी को आगे बढ़ाया। वर्ष 1984 में केवल दो सांसद होने के बावजूद पार्टी ने हार नहीं मानी और आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हुई है।

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