झुंझुनू , मार्च 18 -- राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि झुंझुनू जिले के सौर ऊर्जा मॉडल को पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है।

श्री नागर मंगलवार सांय झुंझुनू अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि झुंझुनू जिला वर्तमान में राज्य के डिस्कॉम में सौर ऊर्जा के मामले में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। झुंझुनू जिले में कुसुम ए और सी योजनाओं के तहत करीब 45 संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों से 68 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इसी शानदार बुनियादी ढांचे की बदौलत झुंझुनूं के किसानों को अब दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

श्री नागर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक राजस्थान के प्रत्येक किसान को खेती के लिए रात की कड़कड़ाती ठंड या असुविधा के बजाय दिन के उजाले में बिजली सुनिश्चित की जा सके। बिजली कर्मचारियों के बीच पनप रहे संशय को दूर करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार के पास फिलहाल निजीकरण की कोई योजना नहीं है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां कुसुम संयंत्र लगे हैं वहां बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाने की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया जाए। इससे हम दिन में उत्पादित सौर ऊर्जा को स्टोर कर सकेंगे और उसका उपयोग सुबह-शाम के मुख्य समय में करेंगे। जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा और उपलब्धता कम होती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित