बोकारो , जनवरी 27 -- झारखंड के बोकारो में स्थापित भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) की इकाई बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) पर झारखंड सरकार ने जलकर वसूली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
गरगा डेम के पानी के व्यावसायिक उपयोग पर 1200 करोड़ रुपये बकाया बताकर राज्य सरकार सक्रिय हो गई है।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने चेतावनी दी है कि बीएसएल यदि जल का व्यवसायीकरण बंद नहीं करता तो कड़ी कार्रवाई होगी।बोकारो के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि वर्ष 1973 से बीएसएल गरगा डेम के पानी का औद्योगिक उपयोग के साथ-साथ इसे भारतीय रेलवे को बेचकर व्यवसायी कर रहा है, जो राज्य सरकार के जल अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।
राज्य में नदियों और जलाशयों पर सरकार का पूर्ण स्वामित्व है। ऐसे में व्यावसायिक उपयोग पर जलकर देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अब तक बीएसएल ने एक भी पैसा नहीं दिया, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा है। मंत्री ने बोकारो उपायुक्त को निर्देश दिया है कि बीएसएल के पिछले वर्षों के जल व्यवसायीकरण की विस्तृत समीक्षा करें और बकाया जलकर का आकलन कर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजस्व वसूली में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
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