रांची, फरवरी 27 -- ारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन आज सदन में चाईबासा में बच्चों को कथित रूप से संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले को लेकर जोरदार बहस हुई।
भाकपा-माले के विधायक अरुप चटर्जी ने सदन में यह मामला उठाते हुए कहा कि चाईबासा में बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने की शिकायत सामने आई थी। उन्होंने पूछा कि विभाग की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट कब तक आएगी और सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है।
इसके लिखित जवाब में विभाग की ओर से कहा गया कि बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड नहीं चढ़ाया गया था। इस पर विधायक अरुण चटर्जी ने मंत्री पर आरोप लगाया कि वे दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसपर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सदन में कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाए जाने की आशंका जताई गई थी, उनके परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।
विधायक ने मांग की कि पीड़ित बच्चों का पूरा इलाज सरकार अपने खर्चे पर कराए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने सरकार को निर्देश दिया कि पीड़ितों के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और चल रहे सत्र में ही जांच रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ अंसारी ने कहा कि जांच में समय लगेगा, इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत करने का स्पष्ट निर्देश दिया। मंत्री ने आश्वासन दिया कि यथाशीघ्र जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन 15 दिन में नहीं होगा, समय लगेगा।
सदन में धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन व्यवस्था का मामला जोरदार ढंग से उठा। भारतीय जनता पार्टी के विधायक राज सिन्हा ने सदन में कहा कि वर्ष 2020-21 में पीएम केयर फंड से अस्पताल में तीन ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे, लेकिन वर्तमान में दो प्लांट खराब पड़े हैं। इसके कारण मरीजों को सुचारू रूप से ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि खराब प्लांट की मरम्मत को लेकर जिम्मेदारी तय नहीं है कभी सिविल सर्जन को तो कभी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक को निर्देश दिया जाता है। विधायक ने सरकार से पूछा कि आखिर प्लांट कब तक ठीक होंगे और मरीजों को हो रही परेशानी कब दूर होगी।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर अंसारी ने स्वीकार किया कि तीन में से दो ऑक्सीजन प्लांट फिलहाल खराब हैं और एक प्लांट कार्यरत है। उन्होंने कहा कि मरीजों को ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं होने दी जा रही है और सिलेंडर के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है।
मंत्री ने यह भी बताया कि प्लांट की मरम्मत के लिए कई बार टेंडर निकाले गए, लेकिन किसी एजेंसी ने रुचि नहीं दिखाई। हालांकि सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कर मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
राष्ट्रीय जनता दल के विधायक सुरेश पासवान ने सदन में विधायकों को नए विधायक आवास में शिफ्ट करने के बाद फर्नीचर मद में दी जाने वाली राशि 3 लाख से बढ़कर 10 लाख रुपए करने की मांग की। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वर्तमान में नए आवास में शिफ्ट होने के बाद विधायकों को फर्नीचर के लिए तीन लाख रुपये दिए जा रहे हैं, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इस राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने की मांग की।
श्री पासवान ने कहा कि बढ़ती महंगाई और आवश्यक सुविधाओं को देखते हुए फर्नीचर मद की राशि में वृद्धि जरूरी है, ताकि विधायक अपने आवास को सुव्यवस्थित ढंग से तैयार कर सकें। उनकी इस मांग का सदन में अधिकांश सदस्यों ने समर्थन किया।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के विधायक चंद्रदेव महतो ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि जिन जिलों में बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित हैं, वहां भी कचरे का समय पर निष्पादन नहीं हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से धनबाद का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वहां कार्यरत एजेंसी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रही है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज अधीक्षक द्वारा एजेंसी के खिलाफ शिकायत किए जाने की जानकारी भी सदन में दी।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने बताया कि राज्य के छह जिलों में बायो मेडिकल वेस्ट निष्पादन प्लांट संचालित हैं और आने वाले समय में अन्य प्रमुख अस्पतालों में भी ऐसे प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक चंद्रदेव महतो ने धनबाद की संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जब मामला सदन में उठ चुका है तो सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदन को आश्वस्त किया कि धनबाद में बायो मेडिकल वेस्ट निष्पादन का कार्य कर रही एजेंसी की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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