रांची , अप्रैल 23 -- झारखंड में पेट्रोलियम व एलपीजी की आपूर्ति नियमित रूप से तथा स्टॉक की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर पेट्रोलियम कंपनियों के कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रदीप पॉल, और भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी व पत्र सूचना कार्यालय व (केंद्रीय संचार ब्यूरो) के कार्यालय प्रमुख राजेश सिन्हा ने बताया कि झारखंड राज्य में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की आपूर्ति स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों व एलपीजी की स्थिति पर पीआईबी रांची तथा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसीज़) की ओर से आज रांची स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) डिविजनल कार्यालय, नामकुम में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर जानकारी साझा की गयी।

राज्य में उपलब्ध सुदृढ़ बुनियादी ढांचे, सतत निगरानी व्यवस्था तथा प्रभावी समन्वय तंत्र के माध्यम से निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

राज्य में वर्तमान में कुल 2084 रिटेल आउटलेट (ओएमसी: 1981 एवं निजी: 103) तथा 5 सप्लाई लोकेशन/डिपो संचालित हैं। औसतन प्रतिदिन 1750 के एल पेट्रोल (एमएस) एवं 3450 केएल डीजल (एचएसडी) उपलब्ध करवाया जा रहा है। वर्तमान में पेट्रोल का 12 दिन तथा डीजल का 12 दिन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्यरत हैं तथा बिक्री पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। जनवरी-मार्च 2026 की सामान्य खपत के अनुरूप नोज़ल सेल हो रही है, जो मांग की स्थिरता को दर्शाती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराहट में खरीदारी से बचें।

एलपीजी आपूर्ति की बात करें तो राज्य में 591 वितरकों एवं 5 बॉटलिंग प्लांट के माध्यम से लगभग 67.5 लाख उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। औसतन प्रतिदिन 80 हज़ार रिफिल की डिलीवरी की जा रही है तथा लगभग 5.0 दिन का बैकलॉग निर्धारित बुकिंग सूची के अनुसार पूरा किया जा रहा है। आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्तमान में व्यावसायिक एलपीजी 70% आवंटन स्तर बनाए रखा गया है। अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, रक्षा, रेलवे, सरकारी प्रतिष्ठान, होटल/रेस्टोरेंट, औद्योगिक कैंटीन एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है। सुचारु वितरण सुनिश्चित करने हेतु प्रतिदिन निगरानी की जा रही है।

एलपीजी सेवाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए 95% बुकिंग डिजिटल माध्यम से की जा रही है जो कि दो माह पहले सिर्फ 70% थी। 90% मामलों में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है जो कि दो माह पहले सिर्फ 40% थी। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल माध्यम से ही बुकिंग करें तथा सुरक्षित एवं पारदर्शी वितरण हेतु डिलीवरी के समय डीएसी साझा करें।

पीएनजी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य में लगभग 41 हज़ार पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं। पिछले एक माह में लगभग 4000 नए कनेक्शन जोड़े गए हैं। सरकार द्वारा त्वरित अनुमतियां, पाइपलाइन बिछाने हेतु फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस एवं स्थानीय प्राधिकरणों के साथ समन्वय के माध्यम से नेटवर्क विस्तार को गति दी जा रही है। इससे शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता में कमी आएगी।

पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया गया कि जिला प्रशासन के नागरिक आपूर्ति विभाग एवं ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के बीच दैनिक समन्वय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। जिला स्तरीय निगरानी समितियां सक्रिय हैं, और यदि कहीं लंबी कांतर की सूचना मिलती है तो उसे पर कार्रवाई की जाती है क्योंकि जिला प्रशासन का सख्त निर्देश है कि गैस एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति सिर्फ उपभोक्ताओं के घरों पर ही की जाए।

पेट्रोलियम कंपनियों के झारखंड स्तर के कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रदीप पॉल, (डीआरएसएच, रांची डिविजनल कार्यालय, ) ने पत्रकारों को बताया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से कार्य कर रही है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, घबराहट में खरीदारी से बचें तथा भ्रामक समाचारों का प्रसार न करें। झारखंड राज्य की ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ आप सबको आश्वस्त करती हैं कि राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति स्थिति पूरी तरह स्थिर एवं नियंत्रित है तथा आम जनता को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

इस प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम कंपनियों के झारखंड स्तर के कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रदीप पॉल, (डीआरएसएच, रांची डिविजनल कार्यालय ) भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी व पत्र सूचना कार्यालय व केंद्रीय संचार ब्यूरो के कार्यालय प्रमुख राजेश सिन्हा के अलावे आईओसीएल एवं एसएलसी, जगदीप मुर्मू, वरिष्ठ क्षेत्रीय समन्वयक, एचपीसीएल, सर्वेश कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक, कॉर्पोरेट संचार (पी एंड सीओ), आईओसीएल, रतन कच्छप, मुख्य प्रबंधक, बीपीसीएल, खूंटी, हर्ष रंजन, प्रबंधक (एलपीजी), रांची सहित अन्य ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसीज़) एवं जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल थे।

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