रांची , अगस्त 17 -- झारखंड में सावन की तीसरी सोमवारी पर राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में शिवभक्ति की लहर देखने को मिली।

।सुबह से ही प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव', 'बोल बम' और 'ओम नमः शिवाय' के जयकारों से गूंजते रहे। सावन सोमवारी के साथ नाग पंचमी होने के कारण इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ गया।

रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर, सुरेश्वर मंदिर समेत शहर के तमाम छोटे-बड़े शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, फूल और प्रसाद अर्पित किया तथा सुख-समृद्धि की कामना की।

प्रसिद्ध देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम के बाद श्रद्धालुओं ने बासुकीनाथ धाम में भगवान शिव को जलार्पण किया। बासुकीनाथ मंदिर का पट रात करीब दो बजे खुलते ही कांवरियों का आगमन शुरू हो गया। लगातार पहुंच रहे श्रद्धालुओं से पूरा मंदिर परिसर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई।

गिरिडीह जिले के बगोदर स्थित प्रसिद्ध हरिहरधाम शिव मंदिर में भी तीसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह मंदिर के पट खुलते ही जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। सोमवारी और नाग पंचमी के संयोग को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई।

कोडरमा में भी विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल अर्पित किया। ध्वजाधारी आश्रम में शिवभक्तों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालु 777 सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ की चोटी पर स्थित भगवान शिव के मंदिर तक पहुंचे और जलाभिषेक किया।

सिमडेगा में सावन की तीसरी सोमवारी पर शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ओडिशा के वेदव्यास त्रिवेणी संगम से पवित्र जल लेकर हजारों कांवरिये करीब 80 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर सरना महादेव धाम पहुंचे। केसरिया वस्त्रों में कांवरियों के जत्थे और 'हर-हर महादेव', 'बोल बम' के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

कांवरियों ने सरना महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद बेलपत्र, सफेद फूल और प्रसाद अर्पित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। यात्रा के दौरान कांवरिये शिव भजनों पर झूमते-नाचते आगे बढ़े, जबकि कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया।

खूंटी जिले में स्थित प्रसिद्ध अंगराबारी (जिसे आमरेश्वर धाम भी कहते हैं) में सावन के पवित्र महीने के दौरान शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। रांची-खूंटी मुख्य मार्ग पर स्थित इस मंदिर में भगवान शिव के स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां भी तीसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। भक्त सुबह से ही मंदिरों के पट खुलने का इंतजार करते रहे। पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।

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