रांची , सितंबर 25 -- झारखंड में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्यभर में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।
लगातार बारिश से विभिन्न नदियों और डैमों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलाशयों में बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए पतरातू, कांके, गोंदा, तेनुघाट, चांडिल और गरगा डैम के फाटक खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।
रामगढ़ जिले में स्थित पतरातू डैम के दो गेट खोले गए हैं। वहीं, रांची के कांके और गोंदा डैम से भी पानी की निकासी की गई है। बोकारो जिले के तेनुघाट डैम के छह रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। यहां से करीब 9,710 क्यूसेक पानी दामोदर नदी में छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के बाद दामोदर नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इधर, चांडिल डैम के नौ गेट एक-एक मीटर तक खोले गए हैं। इससे स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
रामगढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण भैरवी और दामोदर नदियां भी उफान पर हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
लगातार बारिश और विभिन्न डैमों से पानी छोड़े जाने के बीच निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की अपील की है। खासकर नदी, नाला और जलाशयों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
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