रांची , अक्टूबर 28 -- झारखंड के विभिन्न शहरों में स्थित मैरिज हॉल, मैरिज लॉन, होटल, कैफे, ढाबों और कैटरिंग किचनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के कथित अवैध इस्तेमाल का मामला सामने आया है।

ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन ने इस पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, पेट्रोलियम मंत्रालय और रांची जिला प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फाउंडेशन के अनुसार, उसके कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण कर 1,576 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की है। संस्था का दावा है कि इस संबंध में एक गोपनीय रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई है। सर्वेक्षण में रांची, धनबाद, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, सरायकेला, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठानों को शामिल किया गया है।

फाउंडेशन ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के इस्तेमाल पर रोक लगाने और नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की है। संस्था का कहना है कि ऐसे प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इससे आग लगने और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

संस्था ने मांग की है कि मैरिज हॉल, लॉन और कैटरिंग किचन के प्रवेश द्वार पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं। इन पर लिखा हो कि परिसर में केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाएगा और घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है।

इसके अलावा, फाउंडेशन ने आपूर्ति विभाग से उड़न दस्तों का गठन कर औचक निरीक्षण और छापेमारी करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

फाउंडेशन ने एलपीजी सिलेंडरों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और उपभोक्ताओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए 'भाई आया रे गैस सिलेंडर' नामक सुरक्षा गीत तैयार किया है। संस्था के मुताबिक, इस गीत का विमोचन 9 अप्रैल 2026 को पद्मश्री डॉ. विलास डांगरे ने किया था।

फाउंडेशन ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी और निजी गैस वितरण वाहनों के साउंड सिस्टम पर इस गीत को बजाने का निर्देश जारी किया जाए। संस्था का मानना है कि इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को सिलेंडर का वजन जांचने, सील की स्थिति देखने और गैस वितरण के दौरान जरूरी सावधानियां बरतने के प्रति जागरूक किया जा सकता है।

फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन सोलंके ने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने दावा किया कि 1,576 प्रतिष्ठानों की सूची राज्य सरकार के संबंधित विभाग और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को सौंपी गई है। उन्होंने अधिकारियों से तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

वहीं, फाउंडेशन के कार्यकारी संचालक शुभम रंगारी, संदीप गुप्ता और सुमित चव्हाण ने भी सरकार से मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की है। संस्था ने आम नागरिकों से उपभोक्ता अधिकारों और गैस सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा अपने जनसेवा अभियान से जुड़ने का आग्रह किया है।

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