रांची , अप्रैल 19 -- झारखंड में लगातार बढ़ती गर्मी और लू (हीटवेव) के गंभीर खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।

डॉ. अंसारी ने सभी जिलों के उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे और आम जनता की सुरक्षा में कोई कमी न हो।

डॉ. अंसारी ने ने विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप अधिक है, वहां तत्काल प्रभाव से स्कूलों में कुछ दिनों के लिए अवकाश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि भीषण दोपहर में बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के साथ जोखिम लेने जैसा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मंत्री डॉ. अंसारी ने स्वास्थ्य विभाग को भी कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी डॉक्टर, नर्स, सहीया कर्मी और चिकित्सा स्टाफ पूरी तरह सतर्क रहें। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से निपटने के लिए आवश्यक दवाएं, बेड और सुविधाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री स्वयं पूरे राज्य की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और हर स्तर पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

झारखंड में 19-20 अप्रैल को भीषण गर्मी और लू को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, सिमडेगा, गुमला, पश्चिमी एवं पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में तापमान 40degC से 44degC तक पहुंचने की संभावना है। अगले पांच दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है।

प्रशासन और जनता के लिए सलाह दी। दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें, धूप में निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखें। राज्य सरकार आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए सतर्क एवं तैयार है।

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