बोकारो , अक्टूबर 22 -- झारखंड में बोकारो के डीपीएस के छात्र-छात्राएं वियतनाम के इतिहास, संस्कृति और रोमांचक संसार से हुए रू-ब-रू होकर पुनः वापसलौट आए।

प्राचार्य डॉक्टर ए एस गंगवार ने आज यहां बताया कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान और क्लासरूम से बाहर व्यावहारिक एवं वैश्विक अनुभवों से समृद्ध करने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो की वियतनाम शैक्षणिक यात्रा यादगार अनुभवों के साथ संपन्न हुई।

विद्यालय टीम के सदस्यों ने एक तरफ जहां वियतनाम की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों, वहां के जन-जीवन और प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देखा, वहीं रोमांचकारी अनुभवों का भी खूब आनंद लिया। इस अंतरराष्ट्रीय यात्रा के पहले दिन दल ने वियतनाम की प्राचीन राजधानी होआ लू का दौरा किया, जो होआंग लोंग नदी से घिरी एक बेहद खूबसूरत ऐतिहासिक धरोहर है। यहां छात्र-छात्राओं ने 17वीं शताब्दी के महान सम्राट दिन्ह तिएन हुआंग और सम्राट ले दाई हांग को समर्पित ऐतिहासिक मंदिरों, प्राचीन ड्रैगन बेड्स और चूना पत्थर की मनोरम पहाड़ियों का दीदार किया।

इसके बाद टीम टॉम कोक (तीन गुफाएं) पहुंची, जहां बच्चों ने नदी के बीच चूना पत्थर की चोटियों और हरे-भरे धान के खेतों के बीच डेढ़ घंटे की प्रसिद्ध सम्पान नौका यात्रा का आनंद लिया। स्थानीय नाविकों द्वारा अपने पैरों से चप्पू चलाने की अनूठी कला को देखकर बच्चे आश्चर्यचकित रह गए। इसके बाद निन्ह बिन्ह स्थित मुआ केव में 500 से अधिक खड़ी सीढ़ियां चढ़कर छात्रों ने टॉम कोक घाटी का विहंगम नजारा देखा और पास ही स्थित प्रसिद्ध लोटस गार्डन का भ्रमण किया।

अध्ययन दल को वियतनाम के प्रसिद्ध रेशम और बांस के उत्पादों को तैयार करने वाली स्थानीय फैक्ट्रियों का अवलोकन भी कराया गया।

यात्रा के दूसरे दिन दल ने हैलॉन्ग बे के दक्षिण में स्थित लैन हा बे का रुख किया, जहां ला पैंडोरा क्रूज पर एक से बढ़कर एक रोमांचक गतिविधियां आयोजित की गईं। 400 से अधिक छोटे चूना पत्थर द्वीपों, छिपे हुए लैगूनों और निजी समुद्र तटों से घिरे इस सुरम्य स्थल पर विद्यार्थियों ने शाम को कयाकिंग और स्विमिंग का लुत्फ उठाया, तो वहीं रात में फिशिंग का रोमांच अनुभव किया। क्रूज पर बच्चों के लिए विशेष कुकिंग क्लासेस व मनोरंजक खेल भी आयोजित किए गए। यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में दल ने हो ची मिन्ह म्यूजियम, वहां के स्थानीय बाजारों और विश्व प्रसिद्ध ट्रेन स्ट्रीट का भ्रमण किया। टीम के सदस्यों ने उक्त यात्रा को अपने जीवन का यादगार क्षण बताया।

वियतनाम से सकुशल वापसी पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने पूरी टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया और इस बेहतरीन व अविस्मरणीय अनुभव के लिए सभी सदस्यों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में बच्चों को ग्लोबल सिटीजन के रूप में विकसित करने के लिए इस प्रकार का अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर और अनुभवजन्य शिक्षा बेहद जरूरी है। जब विद्यार्थी विभिन्न देशों की संस्कृति, इतिहास और जीवनशैली को प्रत्यक्ष रूप से देखते और समझते हैं, तो उनमें व्यापक दृष्टिकोण के साथ-साथ वैश्विक समझ का भी विकास होता है। उन्होंने दोहराया कि डीपीएस बोकारो अपने विद्यार्थियों के समग्र और बहुआयामी विकास के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और आगे भी उन्हें ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच और अवसर प्रदान किए जाते रहेंगे।

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