बोकारो , जून 21 -- झारखंड में बोकारो के सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) विद्यार्थियों ने इस बार रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए एक और नया इतिहास रच दिया है।
विद्यालय के होनहार और मेधावी विद्यार्थी आदित्य मिश्रा अब 12वीं बोर्ड की मुख्य परीक्षा में साइंस स्ट्रीम के संयुक्त नेशनल टॉपर घोषित हुआ हैं। विद्यालय प्रबंधन ने आज यहां बताया कि अब तक विज्ञान संकाय में झारखंड स्टेट टॉपर रहे आदित्य का पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत कुल प्राप्तांक 99.20 प्रतिशत से बढ़कर 99.60 प्रतिशत हो गया। आदित्य ने विगत 13 मई, 2026 को घोषित परीक्षा-परिणाम में अपने बायोलॉजी के रिजल्ट पर असंतोष व्यक्त करते हुए बोर्ड की मूल्यांकन प्रणाली को चुनौती दी थी।
उन्होंने री-इवैल्युएशन के लिए सीबीएसई को आधिकारिक रूप से आवेदन किया, जिसका परिणाम छात्र की अपेक्षा के अनुरूप और सुखद रहा। पुनर्मूल्यांकन में आदित्य के बायोलॉजी के मार्क्स अब 96 से बढ़कर 99 हो हो गए। इसके साथ ही अब वह कानपुर की छात्रा सोनाक्षी गोयल के साथ संयुक्त रूप से विज्ञान संकाय के नेशनल टॉपर हो गए। अब इन दोनों विद्यार्थियों के कुल प्राप्तांक 99.60 प्रतिशत हैं। विदित हो कि आदित्य ने तीन विषयों - इंग्लिश कोर, केमिस्ट्री और पेंटिंग में 100 में 100 अंक हासिल किया है। जबकि, फिजिक्स में उन्हें 99 अंक मिले। उक्त विषयों के अलावा अन्य सभी में उन्होंने ए1 ग्रेडिंग अर्जित की है।
99.60 फीसदी अंक लाकर डीपीएस बोकारो का झंडा राष्ट्रीय पटल पर बुलंद करने वाले सीबीएसई 12वीं बोर्ड के संयुक्त साइंस टॉपर आदित्य मिश्रा की हार्दिक अच्छा आगे चलकर एक सफल चिकित्सक बन मानवता-सेवा करने की है। सेल की रिफैक्ट्री यूनिट (एसआरयू) में मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) प्रजेश चन्द्र मिश्रा एवं गृहिणी सस्मिता मिश्रा का होनहार पुत्र आदित्य शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है। पुनर्मूल्यांकन के बाद उसके कुल प्राप्तांक अब 500 में 498 अंक हो चुके हैं। एक सवाल के जवाब में आदित्य ने कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए वह रोजाना लगभग छह घंटे पढ़ाई किया करता था।
अपनी कामयाबी का श्रेय उसने अपने माता-पिता व परिजनों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। आदित्य को 10वीं में कुल 96.8 प्रतिशत अंक मिले थे। डीपीएस बोकारो में उसने शुरू से ही पढ़ाई की है और हमेशा ही अपनी मेधाविता का परिचय दिया है। हालांकि, इस साल नीट की परीक्षा रद्द होने पर वह काफी दुःखी था और रविवार को दोबारा री-नीट की परीक्षा दी। बता दें कि आदित्य एनएसईजेएस- 2022 में पूरे राज्य से अकेले सफल रहा था।
इसके अलावा, विभिन्न ओलंपियाडों में शानदार प्रदर्शन के लिए बेस्ट ओलंपियाड विनर का पुरस्कार, साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता छात्रवृत्ति, साइंस ओलंपियाड में ओलंपियाड रैंक 1, एसओएफ नेशनल साइंस ओलंपियाड में जोनल रैंक 1, क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड में देश में दूसरा स्थान आदि उसकी कामयाबियों की फेहरिस्त में शामिल हैं। इसी साल आईएपीटी की जीव-विज्ञान परीक्षा एनएसईबी में भी सफलता पाई थी।
आदित्य को फुटबॉल और कबड्डी खेलना भी पसंद है। एक प्रश्न के जवाब में आदित्य ने बताया कि कोरोना काल उसके जीवन की पढ़ाई में टर्निंग प्वाइंट रहा, जहां से उसने अपनी पढ़ाई को एक नई दिशा दी। ऑनलाइन क्लास में उसकी पढ़ाई शिथिल हो गई थी, जिससे परिणाम प्रभावित होने लगे, जिससे उसने सीख लेते हुए कठिन परिश्रम शुरू किया और पढ़ाई में निरंतरता लाई। इसी का नतीजा रहा कि उसने बोर्ड परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ सफलता अर्जित की।
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