रांची , अप्रैल 30 -- झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश क्षेत्र में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्यभर में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की घटनाएं सामने आ रही हैं। जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आकाशीय बिजली ने जनजीवन को प्रभावित करते हुए कई परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है। राज्य के अलग-अलग जगह में पिछले 48 घंटे में कई लोगों की आकाशीय बिजली की वजह से मौत हो गई।

गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में ठनका गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान नुनमुनि कुमार (24) और अमन कुमार (12) के रूप में हुई है। वहीं लोहरदगा के भंडरा क्षेत्र में भी वज्रपात की चपेट में आने से एक महिला की जान चली गई।सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र के घुटाईडीह गांव में एक किशोर की मौत उस समय हो गई, जब वह बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़ा था।

राजधानी रांची सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कांके में 12.2 मिमी, खूंटी में 34.5 मिमी और बेरमो में 30 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। धनबाद और बोकारो में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। तापमान में भी गिरावट आई है। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान घटकर 37.5 डिग्री सेल्सियस हो गया, जबकि रांची में 38.6 डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने आज कई जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही अगले तीन दिनों में तापमान में चार डिग्री तक गिरावट और 1 से 5 मई तक बारिश जारी रहने का अनुमान है।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें।

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