दुमका , जुलाई 07 -- झारखंड में दुमका की एक अदालत ने दस साल पूर्व विस्फोटक सामग्री बरामद किये जाने से संबंधित मामले में दोषी पाकर बिहार के रहनेवाले तीन आरोपियों को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है।
दुमका के तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राजेश सिन्हा की अदालत ने मंगलवार को दोनों पक्षों की ओर से बहस सुनने के बाद जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र में दस साल पूर्व अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री की ढुलाई करने के मामले में दोषी पाकर बिहार के शेखपुरा जिले के पसना निवासी सुल्तान वहीब, अरियान के अरविंद यादव और नालंदा के हरनौत निवासी गणेश कुमार को दस-दस साल के कारावास और दस-दस हजार रुपया जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर तीनों दोषियों को छह- छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
लोक अभियोजक चंपा कुमारी से मिली जानकारी के अनुसार 2016 में काठीकुंड थाना क्षेत्र में पुलिस ने विस्फोटक भरा वाहन को जब्त किया था। इसी क्रम में पुलिस ने वाहन में सवार तीन लोगाें को गिरफ्तार किया था। इस मामले को लेकर तत्कालीन थाना प्रभारी सचिन के बयान पर तीनों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पहले कहा था कि वे लोग उक्त विस्फोटक सामग्री को शिकारीपाड़ा खनन क्षेत्र में ले जा रहे हैं, लेकिन इससे संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा सके। इस कारण पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों को जेल भेजा दिया था।
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