बोकारो , मई 20 -- झारखंड में बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड क्षेत्र के सिंगली टोला निवासी प्रवासी मजदूर 45 वर्षीय राजू गंझू की बंगलोर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर से परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पारिवारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि मृतक राजू बंगलोर के मैसूर इलाके में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का कार्य करता था और वह परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। परिजनों ने बताया कि राजू करीब ढाई माह पहले कमाई के लिए घर से गया था। पांच दिन पहले काम के दौरान उसके पैर में गंभीर चोट लगी थी। मंगलवार को राजू ने पत्नी मनी देवी से फोन पर बातचीत में बताया कि उसके पैर का ऑपरेशन होना है। कुछ ही घंटों के भीतर परिवार के पास अचानक मौत की सूचना पहुंची, जिसने घर में कोहराम मचा दिया।
मृतक की मां अकली देवी, पत्नी मनी देवी तथा 5 वर्षीय बेटी रानी कुमारी सहित पूरा परिवार हादसे के बाद गहरे सदमे में है। छोटा भाई बैजनाथ गंझू ने बताया कि अभी घर के दो अन्य बड़े बेटे-किसुन गंझू और हेमंत गंझू-भी मजदूरी के लिए बाहर हैं; किसुन बंगलोर के गुगी इलाके में और हेमंत आंध्रप्रदेश में काम कर रहा है ।
परिजन शव के जल्द घर लाने और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। बैजनाथ और मनी देवी ने राज्य सरकार व स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि मृतक का शव तुरंत परिजन को सौंपा जाए और परिवार को आर्थिक एवं कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाए ताकि अंतिम संस्कार और परिवार की आजीविका का प्रबंध हो सके।
घटना के बाद गोमिया प्रखंड के ग्रामीणों में भी रोष और चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार की कमी के चलते बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाते हैं, मगर बार-बार प्रवासी मजदूरों की मौत की घटनाएँ चिंता का विषय बन रही हैं। लोगों ने सरकार से प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और वापसी में सहायता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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