रांची , अप्रैल 23 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कोषागार घोटाले मामले के जांच को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है।

श्री मरांडी ने कहा कि कोषागार घोटाला मामले में मुख्यमंत्री द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के पांच दिन बीत जाने के बावजूद वित्त विभाग द्वारा संबंधित फाइलों को सीआईडी को नहीं भेजना गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे यह आशंका भी पैदा होती है कि कहीं जानबूझकर जांच को प्रभावित करने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा है।

श्री मरांडी ने कहा कि यह कोई साधारण भ्रष्टाचार का मामला नहीं है। यदि इसकी निष्पक्ष और गहन जांच की जाए, तो यह भी चारा घोटाला की तरह बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं को उजागर कर सकता है। इसलिए आवश्यक है कि सभी संबंधित दस्तावेज़ और फाइलें बिना किसी देरी के जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके।

वहीं श्री मरांडी ने कहा कि वैसे भी, सीआईडी और एसीबी जैसी जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता सवालों के घेरे में रही है। ऐसे में यह मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष, पारदर्शी और सख्त जांच सुनिश्चित करे। हेमंत सोरेन सुनिश्चित करें कि कोई भी अधिकारी जांच की दिशा को गुमराह न कर सके।

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