रांची , नवंबर 02 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में कानून और पुलिस व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है।

श्री मरांडी ने कहा कि रांची के कांके रोड स्थित पुलिस लाइन में 10 पुलिसकर्मी जुआ खेलते रंगे हाथों पकड़े गए हैं। सोचिए, कितनी अनुशासनहीनता और आपराधिक मानसिकता हावी हो चुकी है कि कानून के रखवाले ही खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं। थानों में महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएँ हो रही हैं और पुलिस लाइन में पुलिसकर्मी जुआ खेल रहे हैं। आखिर झारखंड की पुलिस व्यवस्था किस दिशा में जा रही है?उन्होंने कहा कि डीजीपी कोई प्रतिक्रिया देना भी उचित नहीं समझतीं। आखिर क्यों? क्योंकि उन्हें भी पता है कि पुलिस व्यवस्था की कमान पुलिस मुख्यालय में नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री आवास में बैठे एक सिपाही के हाथों में है।

श्री मरांडी ने कहा कि पैसों के लालच में अंधे हो चुके मुख्यमंत्री ने राज्य की बागडोर भ्रष्ट अधिकारियों और दलाल-बिचौलियों के हाथों में थमा दी है। पैसे देकर ट्रांसफर-पोस्टिंग पाने वाले अधिकारी खुद को मुख्यमंत्री से भी ऊपर समझने लगे हैं।

वास्तविकता भी यही है कि लेन-देन के एहसानों तले दबे मुख्यमंत्री भ्रष्ट पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

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