रांची , सितंबर 16 -- झारखंड की राजधानी रांची में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने अपराधियों की प्रोफाइलिंग, गैंग की मैपिंग और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है।

इस संबंध में एसएसपी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, अपर पुलिस अधीक्षक कोतवाली, सभी डीएसपी और थाना प्रभारी शामिल हुए।

बैठक में अपराध की रोकथाम के लिए अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया।

पुलिस दो प्रमुख श्रेणियों में प्रोफाइलिंग करेगी। पहली श्रेणी में पिछले 10 से 15 वर्षों में सक्रिय रहे ऐसे अपराधी और गैंग शामिल होंगे, जो वर्तमान में सक्रिय नहीं हैं, लेकिन भविष्य में दोबारा अपराध की दुनिया में लौट सकते हैं। ऐसे लोगों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों का समय-समय पर सत्यापन किया जाएगा।

इसके अलावा वर्तमान में सक्रिय अपराधियों और गंभीर एवं संगठित अपराध से जुड़े लोगों की भी विस्तृत प्रोफाइल तैयार की जाएगी। रंगदारी, हत्या, मारपीट, मादक पदार्थों का कारोबार, छेड़खानी, भू-माफिया, अवैध शराब, चोरी, जुआ-मटका समेत अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की जानकारी अपडेट की जाएगी। गैंग से जुड़े सदस्यों और उनके आपसी संबंधों की भी मैपिंग की जाएगी।

दूसरी श्रेणी में ऐसे युवा और समूह होंगे, जिनकी गतिविधियों से कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता उत्पन्न हो रही है। हुड़दंग, दबंगई, मारपीट, छेड़खानी, बाइकर्स गैंग की गतिविधियों, शिक्षण संस्थानों के आसपास युवतियों से अभद्र व्यवहार तथा आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट या एडिटेड वीडियो प्रसारित करने वालों को चिह्नित किया जाएगा।

पुलिस ऐसे लोगों की जानकारी संबंधित थानों के बैड करैक्टर रजिस्टर (बीजीआर) के संदर्भ में व्यवस्थित रूप से संधारित करेगी। कानूनसम्मत प्रक्रिया के तहत उनके सार्वजनिक सोशल मीडिया प्रोफाइल और गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी।

एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण को केवल घटना के बाद की कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि संभावित आपराधिक गतिविधियों की पहले ही पहचान कर प्रीवेंटिव पुलिसिंग को प्रभावी बनाया जाए। चिह्नित अपराधियों की प्रोफाइल नियमित रूप से अपडेट करने और किसी भी संभावित आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

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