रांची , सितंबर 02 -- झारखंड पुलिस मुख्यालय ने नौ सितंबर को बड़ी बैठक बुलाई है।
डीजीपी झारखंड तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक होगी। इसमें राज्य के सभी जिलों से कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रिपोर्ट ली जाएगी।
बैठक में हाल के छात्र आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की ओर से की गई कानूनी कार्रवाई प्रमुख एजेंडे में शामिल है।
पुलिस मुख्यालय यह समीक्षा करेगा कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों में संबंधित जिलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई है, मामलों की वर्तमान स्थिति क्या है और जांच किस स्तर तक पहुंची है। इसके लिए सभी संबंधित जिलों को मामलों से जुड़ी विस्तृत पीपीटी तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।
आईजी अभियान की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि पिछले दिनों सीजेपी और छात्र संगठनों की ओर से किए गए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जिलों द्वारा की गई विधिक कार्रवाई की समीक्षा बैठक में की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इन मामलों से जुड़ी पूरी जानकारी और अद्यतन स्थिति के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
पुलिसिंग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए शुरू की गई बीट पुलिसिंग व्यवस्था भी बैठक के एजेंडे में शामिल है। खास तौर पर बीट स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा क्यूआर कोड स्कैनिंग का कितना प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है, इसकी जानकारी जिलों से ली जाएगी। पुलिस मुख्यालय इसके जरिए बीट पुलिसिंग की वास्तविक स्थिति और इसकी मॉनिटरिंग व्यवस्था को परखेगा।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों से जुड़े एसीपी/एमएसीपी के लंबित मामलों की भी समीक्षा होगी। इनसे संबंधित प्रशासनिक मामलों के निपटारे की स्थिति की रिपोर्ट जिलों से मांगी गई है। अधिकारियों को लंबित मामलों की अद्यतन जानकारी तैयार रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि बैठक में इनके निस्तारण की प्रगति पर चर्चा की जा सके।
बैठक में जिलों के मालखानों की स्थिति भी समीक्षा के दायरे में रहेगी। मालखानों में लंबित मामलों तथा वहां रखे सामान के निस्तारण के लिए अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही अंतिम वेतन प्रमाण-पत्र से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय का उद्देश्य पुलिस विभाग से जुड़े प्रशासनिक मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के साथ व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने प्रक्षेत्र और क्षेत्राधिकार से जुड़े सभी बिंदुओं पर पीपीटी तैयार रखने को कहा गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अधिकारी इन रिपोर्ट को प्रस्तुत करेंगे।
बैठक में जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और जमीनी स्थिति की समीक्षा के आधार पर डीजीपी की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
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