रांची , फरवरी 09 -- झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखंड चैंबर की सहभागिता सहित राज्य के समग्र विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और निवेश को बढ़ावा देने के उपायों पर जोर दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में भूमि की सीमित उपलब्धता को देखते हुए अब ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है। यदि ग्रामीण इलाकों में रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाए और सरकार की ओर से सब्सिडी व अन्य प्रोत्साहन दिए जाएं, तो इससे निवेशकों को आकर्षित किया जा सकता है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
झारखंड चैंबर के शिष्टमंडल ने परिवहन सुविधाओं की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रांची से लोहरदगा, टोरी और आसनसोल तक मेमू ट्रेनों का परिचालन हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के लोग प्रतिदिन शहर आकर शाम तक वापस लौटते हैं। लोगों की सुविधा को देखते हुए मेमू ट्रेनों को अन्य जिलों से भी जोड़ने का सुझाव दिया गया। इस पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इसे एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव बताते हुए रेल मंत्री से इस विषय में चर्चा करने का आश्वासन दिया।
बैठक में पलाश ब्रांड के प्रमोशन और ब्रांडिंग को लेकर भी चर्चा हुई। चैंबर की ओर से पलाश उत्पादों के प्रचार-प्रसार में सहभागिता का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए चैंबर के सहयोग से पलाश उत्पादों को प्रभावी ढंग से शोकेस करने की बात कही। वहीं, चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बिहार में गठित मखाना बोर्ड की तर्ज पर झारखंड में महुआ बोर्ड के गठन का सुझाव दिया, जिस पर मंत्री ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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