रांची , मई 27 -- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड कैबिनेट बैठक में कुल 39 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी, "अबुआ दवाखाना" योजना की शुरुआत, नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए नई पुरस्कार नीति तथा दिव्यांग और वरिष्ठ कलाकारों को आर्थिक सहायता देने जैसे कई अहम फैसले लिए गए।

कैबिनेट ने सातवें वेतनमान के तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। वहीं छठे वेतनमान में डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत और पांचवें वेतनमान में 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत किया गया है। इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने "अबुआ दवाखाना" योजना को मंजूरी दी है। इन केंद्रों में एलोपैथी के साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा पद्धति से इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अवधि बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।

कैबिनेट ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए एनडीपीएस एक्ट के तहत नई पुरस्कार नीति लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत सूचना देने वालों को तीन हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये से अधिक तक का इनाम दिया जा सकेगा।

बैठक में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कलाकारों को हर महीने चार हजार रुपये सहायता राशि देने का भी निर्णय लिया गया। योजना का लाभ उन कलाकारों को मिलेगा जिनकी मासिक आय आठ हजार रुपये से कम है।

राज्य सरकार ने 1.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने की योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक तीन चरणों में लागू होगी, जिस पर करीब 370 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसके अलावा दुमका एयरपोर्ट से नियमित उड़ान सेवा शुरू करने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ समझौते को मंजूरी दी गई। खूंटी जिले में लोधमा-फिसका रेल लिंक लाइन निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण, मेडिकल कॉलेजों में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों और इंटर्न्स की स्टाइपेंड राशि में संशोधन तथा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यवसायिक बकरी पालन योजना के लिए चार करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई।

कैबिनेट ने पेट्रोल, डीजल और शराब के खुदरा विक्रेताओं को त्रैमासिक रिटर्न और मासिक एब्सट्रैक्ट दाखिल करने की बाध्यता से राहत देने का फैसला भी लिया है। सरकार का कहना है कि इससे कारोबारियों को कागजी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में कई प्रशासनिक और विकास योजनाओं को भी मंजूरी मिली। बगोदर-सरिया और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालयों में नए पद सृजित किए जाएंगे। आईटीआई संस्थानों के अपग्रेडेशन और पंचायतों को वित्तीय मदद देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी।

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