हजारीबाग , अप्रैल 09 -- झारखंड के हजारीबाग में वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि रामनवमी का स्वरूप बदल गया है।
आज आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ नेता श्री सिन्हा ने क्षेत्र से जुड़े कई ज्वलंत और गंभीर मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
श्री सिन्हा ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पर्व अपनी मूल भावना से भटकता जा रहा है। इस वर्ष जुलूस के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कुल 1032 लोग घायल हुए, जिनमें से 4 को गंभीर स्थिति में राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची अस्पताल भेजा गया, जबकि 5 लोगों की हत्या हुई।
जुलूसों में हथियारों के प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि लाठी के अलावा तलवार, भाला, फरसा जैसे हथियारों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में तत्काल कार्रवाई की मांग की। डीजे के बढ़ते उपयोग पर उन्होंने कहा कि तेज और अनियंत्रित साउंड विवाद और तनाव का कारण बनता है, इसलिए साउंड लिमिट तय की जानी चाहिए।
नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए श्री सिन्हा ने ने कहा कि युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। अवैध अफीम की खेती पर उन्होंने कहा कि केवल बुलडोजर चलाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि इसे पूरी तरह नष्ट करना जरूरी है। विष्णुगढ़ में नाबालिग बच्ची की हत्या को उन्होंने अंधविश्वास और अज्ञानता का परिणाम बताया और लोगों से जागरूकता अपनाने की अपील की।
रसोई गैस की किल्लत पर उन्होंने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है। मजदूर और छात्र गैस की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से गैस आपूर्ति सुचारू करने की मांग की। केंद्र सरकार पर टिप्पणी करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि एक समय भारत शांति स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाता था, लेकिन आज वैश्विक स्तर पर उसकी भूमिका कमजोर नजर आ रही है।
प्रेस वार्ता के अंत में यशवंत सिन्हा ने प्रशासन, समाज और विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि सभी मिलकर सकारात्मक दिशा में काम करें, ताकि हजारीबाग की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में विश्वास बढ़ा है।
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