रांची , मार्च 10 -- झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड अंतर्गत मलकोको के खुले आसमान में लंबे समय के बाद विशालकाय गिद्धों का झुंड देखा गया है।

वहीं मलकोको में गिद्धों का झुंड देखे जाने से ग्रामीणों में कौतूहल का विषय बन गया। कभी विलुप्त की कगार पर पहुंच चुके इन पक्षियों की वापसी से पर्यावरण प्रेमियों, वन विभाग और शोधकर्ताओं में उत्साह है। गिद्धों को ' प्रकृति का सफाईकर्मी ' कहा जाता है। ये मृत पशुओं के अवशेषों को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाते हैकरीब 40 - 50 की संख्या में उपस्थित विलुप्त प्राय: गिद्धों को देखने के लिए आस - पास के साथ राहगीरों की भीड़ उमड़ पड़ी।

जानकारों का कहना है कि गिद्धों की मौजूदगी वायुमंडल के स्वच्छ होने का प्रतीक है। गिद्धों की मौजूदगी लोगों में कई तरह-तरह के कयास लगा रहे है। गिद्धों की यह वापसी पर्यावरण के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि उचित प्रयासों और सहयोग से पारिस्थितिकी तंत्र को पुनः स्थापित किया जा सकता है।

पर्यवरणविद ने बताया कि गिद्ध पर्यावरण से मृत जानवरों के अवशेषों को हटाकर बीमारियां फैलने से रोकते हैं। भारत में पिछले कुछ दशकों में इनकी आबादी में 90% से अधिक की भारी गिरावट आई है। डिक्लोफेनाक जैसी दवाओं का पशुओं में उपयोग इनकी मौत का एक प्रमुख कारण रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित