रांची , मई 04 -- झारखंड के धनबाद जिले स्थित सिंदरी में एफसीआईएल (फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) का करीब 210 बेड वाला अस्पताल 3 जनवरी 2003 से बंद पड़ा है।
कारखाना बंदी के साथ ही इस अस्पताल पर भी ताला लग गया था। कभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह अस्पताल एफसीआईएल, पीडीआईएल और एचएफसीएल के कर्मचारियों, उनके परिवारों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए निःशुल्क इलाज का केंद्र हुआ करता था। साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी यहां चिकित्सा सुविधा प्राप्त करते थे।
अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं, सामान्य इलाज और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन पिछले दो दशकों से इसके बंद रहने के कारण क्षेत्र की करीब 70 हजार आबादी को इलाज के लिए सिंदरी से बाहर जाना पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर कोई बड़ा निजी अस्पताल भी नहीं होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। आपात स्थिति में मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां इलाज के नाम पर भारी खर्च उठाना पड़ता है।
कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की कमी ने इस समस्या को और उजागर किया। उस समय यदि यह अस्पताल चालू होता, तो स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल सकती थी। वर्तमान में यह अस्पताल भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। स्थानीय लोगों और गणमान्य व्यक्तियों ने कई बार इस अस्पताल को पुनः चालू कराने की मांग को लेकर आंदोलन भी किया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
आरोप है कि जनप्रतिनिधियों-चाहे सांसद हों या विधायक-ने भी इस दिशा में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई है। सिंदरी में मौजूद एचयूआरएल, एसीसी सीमेंट और सेल जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों ने भी अस्पताल को फिर से शुरू कराने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
पूर्व विधायक इंद्रजीत महतो और वर्तमान विधायक चन्द्रदेव महतो ने भी इस मुद्दे को उठाया था। चन्द्रदेव महतो ने झारखंड विधानसभा में इस विषय को गंभीरता से रखा, वहीं इंद्रजीत महतो ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया था। बावजूद इसके अब तक कोई परिणाम सामने नहीं आया है।
सिंदरीवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़े इस अस्पताल को तत्काल प्रभाव से आइसोलेशन सेंटर या कोविड केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य आपदा से निपटने के लिए क्षेत्र तैयार रह सके। लोगों का कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो सिंदरी की स्थिति भी अन्य प्रभावित शहरों जैसी गंभीर हो सकती है।
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