रांची , जुलाई 03 -- झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर इन दिनों अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लिए गए एक फैसले के कारण चर्चा में हैं।
श्री किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात 16 पुलिस जवानों और उनके लिए उपलब्ध कराए गए तीन सुरक्षा वाहनों को राज्य सरकार को वापस कर दिया है। इसके बाद से वह बिना भारी सुरक्षा काफिले के ही विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन अब इसकी वजह सामने आ गई है।
मंत्री ने 29 जून को पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र में बताया कि उनकी सुरक्षा में तैनात 16 जवानों के लिए केवल तीन वाहन उपलब्ध कराए गए थे। इससे जवानों को एक ही वाहन में अधिक संख्या में सफर करना पड़ता था, जो सुरक्षा और सुविधा दोनों दृष्टि से उचित नहीं था।
पत्र में मंत्री ने उल्लेख किया कि उन्होंने 21 अप्रैल 2026 को एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, ताकि सभी सुरक्षाकर्मी सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से यात्रा कर सकें। हालांकि उनकी इस मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके उलट उन्हें एक वाहन वापस करने का नोटिस भेज दिया गया।
मंत्री श्री किशोर ने इसे असहज स्थिति बताते हुए लिखा कि इसी कारण उन्होंने वाहन सहित सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस करने का निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह फैसला व्यक्तिगत सुरक्षा से अधिक सुरक्षा व्यवस्था में व्यावहारिक कठिनाइयों को लेकर है।
शुक्रवार को वित्त मंत्री बिना सुरक्षा काफिले के रांची के खेलगांव स्थित एक कार्यक्रम में पहुंचे। उन्हें इस तरह देखकर कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और अन्य लोग भी हैरान रह गए। उनके इस कदम की राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच भी चर्चा हो रही है।
हालांकि, मंत्री की सुरक्षा में तैनात गार्ड और स्पेशल ब्रांच के जवानों की ड्यूटी पूरी तरह समाप्त नहीं की गई है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें मंत्री आवास पर बुलाया जाता है, लेकिन सामान्य सरकारी कार्यक्रमों में मंत्री उन्हें अपने साथ नहीं ले जा रहे हैं। उनके इस फैसले को सरकारी संसाधनों के मितव्ययी उपयोग और सादगीपूर्ण कार्यशैली के रूप में भी देखा जा रहा है।
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